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हरियाणा में गैस संकट के बीच केंद्र सरकार की राहत: 8.76 लाख लीटर केरोसिन का वितरण

हरियाणा में गैस संकट के चलते केंद्र सरकार ने 8.76 लाख लीटर अतिरिक्त केरोसिन का वितरण करने का निर्णय लिया है। यह राहत मुख्य रूप से गरीब और बीपीएल परिवारों को दी जाएगी। गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ बढ़ने के कारण, सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से केरोसिन बांटने का फैसला किया है। जानें इस वितरण प्रक्रिया और प्रशासन की निगरानी के बारे में।
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हरियाणा में गैस संकट के बीच केंद्र सरकार की राहत: 8.76 लाख लीटर केरोसिन का वितरण

हरियाणा में गैस संकट का समाधान

चंडीगढ़ . खाड़ी देशों में युद्ध के बढ़ते संकट के चलते गैस की कमी से जूझ रहे हरियाणा के निवासियों के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एलपीजी की कमी को देखते हुए, राज्य को 8.76 लाख लीटर अतिरिक्त मिट्टी का तेल (केरोसिन) आवंटित किया गया है। इसका वितरण मुख्य रूप से गरीब और बीपीएल परिवारों के लिए सरकारी राशन डिपो के माध्यम से किया जाएगा।


गैस एजेंसियों के बाहर भीड़

इस निर्णय के बाद, हिसार, रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए, केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से आम जनता को अतिरिक्त केरोसिन बांटने का निर्णय लिया है।


राशन डिपो पर मिट्टी का तेल उपलब्ध

राशन डिपो पर मिलेगा मिट्टी का तेल


एलपीजी गैस बुकिंग के नए नियमों के लागू होने के बाद, आम लोगों को गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को दूसरा गैस सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिल रहा है। अंबाला और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई भी पूरी तरह से रोक दी गई है। इसी संकट के बीच, केंद्र सरकार ने हरियाणा के लिए 8.76 लाख लीटर अतिरिक्त केरोसिन का कोटा जारी किया है। राज्य का खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इसे जनता तक पहुंचाने की योजना बना रहा है।


बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता

बीपीएल परिवारों को मिलेगी पहली प्राथमिकता


प्रशासन ने तय किया है कि केरोसिन तेल का वितरण मुख्य रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले राशन कार्ड धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लगभग 1.60 लाख बीपीएल परिवारों को इसका लाभ पहले मिलेगा। मिट्टी का तेल गांव के सरकारी राशन डिपो या तेल कंपनियों के चुनिंदा रिटेल आउटलेट के माध्यम से वितरित किया जाएगा। वितरण की प्रक्रिया और पात्रता का निर्धारण राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में रहेगा।


कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मिलावट करने वालों पर गिरेगी कानूनी गाज


केंद्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मिट्टी के तेल का उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जा सकता है। यदि किसी डिपो होल्डर या व्यक्ति ने इसे पेट्रोल-डीजल में मिलाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार को आवंटित किया गया यह स्टॉक 45 दिनों के भीतर उठाना अनिवार्य है। समय पर उठान न होने पर बचे हुए स्टॉक को रिजर्व में डाल दिया जाएगा।


अफवाहों पर नजर

अफवाह फैलाने वालों पर 24 घंटे निगरानी


गैस किल्लत के डर का फायदा उठाकर कुछ लोग मुनाफाखोरी करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि एलपीजी संकट के दौरान झूठी अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गैस और तेल की मांग और सप्लाई के बीच सही तालमेल बनाए रखने के लिए चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं।