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हरियाणा में ग्रुप सी भर्ती पर वेटिंग लिस्ट का विवाद: हाईकोर्ट की चेतावनी

हरियाणा में ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के बाद वेटिंग लिस्ट जारी न करने का मामला अब कानूनी पेचीदगियों में उलझ गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया, तो उनके अधिकार सीमित हो सकते हैं। आयोग का तर्क है कि वेटिंग लिस्ट बनाना संभव नहीं है, जबकि उम्मीदवार इसे अपना अधिकार मानते हैं। इस विवाद का असर हजारों युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या हो सकता है आगे।
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हरियाणा में ग्रुप सी भर्ती पर वेटिंग लिस्ट का विवाद: हाईकोर्ट की चेतावनी

हरियाणा में भर्ती प्रक्रिया में कानूनी पेचीदगियां

चंडीगढ़, 23 अप्रैल। हरियाणा में ग्रुप सी के कई पदों पर भर्ती के बाद वेटिंग लिस्ट जारी न करने का मामला अब कानूनी विवाद में उलझ गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय पर इस मामले में जवाब नहीं दिया गया, तो अदालत उनके जवाब देने के अधिकार को सीमित कर सकती है। आयोग का कहना है कि ग्रुप सी पदों के लिए वेटिंग लिस्ट बनाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है, जबकि उम्मीदवार इसे अपने संवैधानिक अधिकार के रूप में देख रहे हैं।


मुख्य सचिव के निर्णयों पर उठे सवाल

इस विवाद की शुरुआत 7 जनवरी 2026 को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक से हुई, जिसमें वेटिंग लिस्ट जारी न करने का निर्णय लिया गया। दिलचस्प यह है कि इससे पहले मानव संसाधन विभाग ने वेटिंग लिस्ट जारी करने का एक तरीका सुझाया था, जिसे आयोग ने 'लागू करने में असमर्थता' जताते हुए ठुकरा दिया। अब आयोग पूरी तरह से मुख्य सचिव की उस बैठक की कार्यवाही का हवाला देकर अदालत में अपना बचाव कर रहा है।


युवाओं पर पड़ रही है दोहरी मार

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के तहत हुई इस पहली बड़ी भर्ती में वेटिंग लिस्ट न होने से उन हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है, जो मेरिट में कुछ अंकों से पीछे रह गए थे। उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार के इस अड़ियल रवैये के कारण उन्हें बार-बार वकीलों और अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इससे न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि बेरोजगार युवाओं पर भारी आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।


‘असंभव’ दलील की होगी कानूनी परीक्षा

आयोग ने कोर्ट में यह दावा किया है कि नई व्यवस्था के तहत वेटिंग लिस्ट बनाना संभव नहीं है। हालांकि, हाईकोर्ट इस दलील से संतुष्ट नहीं दिख रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि एक जिम्मेदार अधिकारी के माध्यम से सरकार को अपना अंतिम पक्ष रखना होगा। यदि सरकार ठोस आधार प्रस्तुत नहीं कर पाती, तो ग्रुप सी के खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी करने का आदेश दिया जा सकता है, जो हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा।