हरियाणा में बाढ़ नियंत्रण कार्यों की समय सीमा निर्धारित
सिंचाई मंत्री का निर्देश
चंडीगढ़: हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नालियों की सफाई, नदियों से गाद निकालने और बाढ़ नियंत्रण से संबंधित सभी लंबित कार्य 15 जून तक पूर्ण किए जाएं। यह कदम मानसून के दौरान जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई से बचाने के लिए उठाया गया है। 57वीं हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में चौधरी ने बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की अंतिम समीक्षा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें तुरंत युद्धस्तर पर आरंभ किया जाए। इसके साथ ही जल निकासी के लिए आवश्यक पंप और पाइपों की खरीद प्रक्रिया को भी समय पर पूरा करने के आदेश दिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यों में देरी या गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो संबंधित मुख्य अभियंता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
