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हरियाणा में बाह्य विकास शुल्क में 10% की वृद्धि, प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ेंगी

हरियाणा सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क में 10% की वृद्धि की है, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस निर्णय का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि डेवलपर्स इस बढ़े हुए शुल्क का बोझ खरीदारों पर डालेंगे। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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हरियाणा में बाह्य विकास शुल्क में 10% की वृद्धि, प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ेंगी

हरियाणा में प्रॉपर्टी महंगी होने का नया दौर

हरियाणा सरकार ने 46 शहरों में बाह्य विकास शुल्क (EDC) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। इस निर्णय से गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में संपत्ति की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है।


गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा

गुरुग्राम. नए साल की शुरुआत के साथ ही हरियाणा में आवास खरीदना महंगा हो गया है। यदि आप गुरुग्राम, फरीदाबाद या सोनीपत में प्लॉट या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अपने बजट में वृद्धि करनी होगी। राज्य सरकार ने बाह्य विकास शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है।


बढ़ी हुई दरें और उनका प्रभाव

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने इस निर्णय को 1 जनवरी से लागू कर दिया है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि डेवलपर्स इस बढ़े हुए शुल्क का बोझ अंततः खरीदारों पर डालेंगे।


ईडीसी का महत्व और मूल्य वृद्धि का कारण

यह समझना आवश्यक है कि बाह्य विकास शुल्क (EDC) क्या है। जब कोई बिल्डर या डेवलपर नई कॉलोनी या हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण करता है, तो उसे उस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरकार को शुल्क देना होता है।


सरकार का तर्क है कि बुनियादी ढांचे की लागत में वृद्धि के कारण शुल्क बढ़ाना आवश्यक था। अब, चूंकि बिल्डर को अधिक शुल्क देना होगा, वे प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ाकर इसकी भरपाई करेंगे।


गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे अधिक

गुरुग्राम, जिसे हरियाणा की आर्थिक राजधानी माना जाता है, को हाइपर पोटेंशियल जोन में रखा गया है। यहां प्रॉपर्टी की कीमतें सबसे अधिक प्रभावित होंगी। नई दरों के अनुसार, गुरुग्राम में प्लॉटेड कॉलोनी विकसित करने के लिए बिल्डर को लगभग 1.37 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का शुल्क देना होगा।


ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए यह दर और भी अधिक है। जिन कॉलोनियों में जनसंख्या घनत्व 400 व्यक्ति प्रति एकड़ है, वहां ईडीसी की दर 5.49 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय की गई है।


फरीदाबाद और सोहना पर भी असर

गुरुग्राम के बाद, फरीदाबाद और सोहना जैसे शहरों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। इन शहरों में नई दरें 1.23 करोड़ रुपये प्रति एकड़ निर्धारित की गई हैं।


हाउसिंग सोसायटियों के लिए, 400 व्यक्ति प्रति एकड़ घनत्व वाले प्रोजेक्ट्स के लिए अब 4.94 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। इससे स्पष्ट है कि फरीदाबाद और सोहना में फ्लैट की कीमतें भी बढ़ेंगी।


मध्यम शहरों में भी बढ़ेंगी कीमतें

यह वृद्धि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। मध्यम क्षमता वाले शहर जैसे अंबाला, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, और हिसार भी इसकी चपेट में आएंगे। इन शहरों में प्लॉटेड कॉलोनियों के लिए ईडीसी लगभग 82 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।


राजनीतिक और विशेषज्ञों की राय

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस वृद्धि से घरों की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की है।


कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह वृद्धि आम जनता के लिए कठिनाई पैदा करेगी और लोगों के घर खरीदने के सपने को तोड़ देगी।


भविष्य पर संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि जो प्रोजेक्ट पहले से बन चुके हैं, उन पर इसका प्रभाव शायद न हो, लेकिन नए प्रोजेक्ट्स की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है।