हरियाणा में महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री का सशक्तिकरण पर जोर
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों का सशक्तिकरण किसी भी समाज और देश की नींव है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना शामिल है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को अपनी आगामी पंचवर्षीय कार्ययोजना इस दृष्टिकोण के अनुसार तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा विजन-2047 के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसा समावेशी और न्यायसंगत समाज बनाना है, जहां महिलाएं गरिमापूर्ण जीवन जी सकें और बच्चे सुरक्षित, स्वस्थ और सहयोगी वातावरण में विकसित हो सकें।
सैनी ने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की नियमित निगरानी के लिए विशेष गतिविधियों की शुरुआत करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी आयु वर्ग के बच्चों के लिए बेबी शो और स्वास्थ्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं और विजेताओं को सम्मानित किया जाए। इन कार्यक्रमों में समाज, परिवार और सरकार के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है ताकि माताओं में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के पहले छह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और इन्हीं पर उनके भविष्य की नींव निर्भर करती है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल और उनके बच्चों के लिए क्रेच सेंटर स्थापित करने की बात कही।
सैनी ने बेटियों की जन्मदर बढ़ाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने हरियाणा में लिंगानुपात को राष्ट्रीय औसत 933 से ऊपर ले जाने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की जांच का दायरा बढ़ाने और आवश्यक सप्लीमेंट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने जिलावार महिला सशक्तिकरण सूचकांक तैयार करने की बात कही ताकि यह पता चल सके कि किन जिलों में महिलाओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को विशेष प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव शेखर विद्यार्थी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 25,962 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं।
