हरियाणा में मार्च में गर्मी का प्रकोप, तापमान में बढ़ोतरी
गर्मी का असर हरियाणा में
रोहतक, हिसार और फरीदाबाद सहित पूरे हरियाणा में मार्च के पहले सप्ताह में मई-जून जैसी गर्मी का अनुभव हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार, 9 मार्च को राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 0.8 डिग्री की वृद्धि हुई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों के लिए दोपहर में बाहर निकलना कठिन हो गया है।
हिसार और भिवानी में तापमान की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
दक्षिण और पश्चिम हरियाणा के जिले इस समय सबसे अधिक गर्मी का सामना कर रहे हैं। हिसार में अधिकतम तापमान 36.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक है। भिवानी में तापमान 36.2 डिग्री, महेंद्रगढ़ में 35.8 डिग्री और नारनौल में 35.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री तक बढ़ गया है।
फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी गर्मी का प्रकोप
दिल्ली के निकट फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल में भी स्थिति अलग नहीं है। गुरुग्राम और पलवल में तापमान 34.3 डिग्री और नूंह में 35.6 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, रोहतक में 33.3 डिग्री, अंबाला में 32.2 डिग्री और करनाल में 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अचानक आई इस गर्मी से दिन में काम करने वाले श्रमिकों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
12 मार्च तक बारिश की कोई संभावना नहीं
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। 12 मार्च तक पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह से शुष्क रहेगा और भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, 8 मार्च की रात से 11 मार्च के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में हल्की बादलवाई हो सकती है और हवाओं की दिशा में बदलाव आ सकता है।
किसानों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी
मार्च की इस अत्यधिक गर्मी का सीधा असर खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पर पड़ सकता है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कृषि मौसम विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति पर ध्यान दें और अपने खेतों का काम उसी के अनुसार योजना बनाएं ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
