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हरियाणा में मौसम में बदलाव: किसानों की चिंताएं बढ़ीं

हरियाणा में मौसम में अचानक बदलाव ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में अस्थिरता की चेतावनी दी है, जिसमें तेज हवाएं और तापमान में गिरावट शामिल है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नई बुवाई और कटाई से बचने की सलाह दी है। जानें इस मौसम परिवर्तन के पीछे की वजह और किसानों के लिए क्या सलाह दी गई है।
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हरियाणा में मौसम में बदलाव: किसानों की चिंताएं बढ़ीं

मौसम में अचानक परिवर्तन


मौसम विभाग का अलर्ट: मौसम में अस्थिरता जारी


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा में शनिवार की सुबह मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। आसमान में घने और हल्के बादल छा गए, जिससे ठंडक बढ़ गई। इस परिवर्तन ने किसानों की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। हाल ही में कई जिलों में बारिश और बर्फबारी के कारण फसलों को नुकसान हुआ था। पिछले दो दिनों से धूप निकलने से फसल कटाई का कार्य तेजी से चल रहा था, लेकिन अब मौसम के इस बदलाव ने किसानों को चिंतित कर दिया है।


मौसम विभाग की भविष्यवाणी

मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम में अस्थिरता बनी रह सकती है। तेज हवाएं (25-35 किमी प्रति घंटा) चलने और दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे नई बुवाई और कटाई का कार्य फिलहाल रोक दें। चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 14 अप्रैल तक मौसम सामान्यतः खुश्क रहेगा, लेकिन परिवर्तनशीलता बनी रहेगी।


किसानों के लिए सलाह

मौसम में आए इस बदलाव के कारण मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। किसानों को अगले 3 से 4 दिनों तक सरसों की कटाई और गहाई का कार्य रोकने की सलाह दी गई है। उन्हें यह भी कहा गया है कि कटी हुई फसल को अच्छी तरह बांधकर रखें ताकि तेज हवाओं से फसल खेत में न बिखरे। मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए भिंडी, लौकी, खीरा और ग्वार जैसी गर्मियों की सब्जियों की बुवाई को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है।