हरियाणा में स्वच्छता सर्वेक्षण में कमजोर प्रदर्शन, कुमारी सैलजा ने उठाए सवाल
कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार के स्वच्छता दावों की सच्चाई को उजागर किया है। हालिया स्वच्छता सर्वेक्षण में गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे प्रमुख शहरों का प्रदर्शन चिंताजनक पाया गया है। उन्होंने रिक्त पदों और कचरा प्रबंधन की समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। जानें, उन्होंने सरकार से क्या मांग की है और प्रदेश की जनता की अपेक्षाएँ क्या हैं।
| Feb 24, 2026, 15:12 IST
हरियाणा सरकार के दावों की सच्चाई
कुमारी सैलजा, चंडीगढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार के स्वच्छता संबंधी दावों की वास्तविकता को उजागर किया है। हाल ही में जारी स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहर, जो प्रदेश के राजस्व में 70 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं, स्वच्छता के मामले में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल हैं।
नगर निकायों में रिक्त पदों की समस्या
कुमारी सैलजा ने मंगलवार को कहा कि 10 में से केवल 4.5 अंक प्राप्त करना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि शहरी विकास और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को उचित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई नगर निकायों में 50 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त हैं। जब निरीक्षण और कचरा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पद खाली हों, तो व्यवस्थाओं का प्रभावित होना स्वाभाविक है। यह स्थिति प्रशासनिक कमजोरी को दर्शाती है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।
डबवाली और सिरसा की चिंताजनक स्थिति
कांग्रेस सांसद ने कहा कि डबवाली और सिरसा सहित कई शहरों की स्थिति चिंताजनक है। करोड़ों रुपये सफाई व्यवस्था पर खर्च होने के बावजूद, बाजारों और गलियों में कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। नगर परिषदों द्वारा निजी कंपनियों को ठेके दिए जाने के बावजूद, डोर-टू-डोर कलेक्शन और कचरा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा स्मार्ट सिटी और स्वच्छता के बड़े दावों के बीच, सरकार की अपनी सर्वे रिपोर्ट जमीनी हकीकत को उजागर कर रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि 'गार्बेज मैनेजमेंट' प्रणाली की पारदर्शिता और कार्यक्षमता की गंभीर समीक्षा की आवश्यकता है।
जनता की अपेक्षाएँ
कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की जनता स्वच्छ वातावरण और बेहतर शहरी सेवाओं की अपेक्षा रखती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए, कचरा प्रबंधन प्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, और नगर निकायों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। स्वच्छता जनस्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है, और सरकार को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने चाहिए ताकि हरियाणा के शहर स्वच्छ, स्वस्थ और व्यवस्थित बन सकें।
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