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हरियाणा-राजस्थान सीमा पर गंदे पानी के विवाद का समाधान, 450 करोड़ रुपये की योजना

हरियाणा और राजस्थान के बीच गंदे पानी के विवाद का समाधान अब संभव होता दिख रहा है। दिल्ली में हुई एक बैठक में 450 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें राजस्थान में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अभी भी समस्या से परेशान हैं और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या निर्णय लिए गए हैं।
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हरियाणा-राजस्थान सीमा पर गंदे पानी के विवाद का समाधान, 450 करोड़ रुपये की योजना

गंदे पानी के विवाद का समाधान

हरियाणा और राजस्थान के बीच कई वर्षों से चल रहे गंदे पानी के विवाद का समाधान अब संभव होता दिख रहा है। हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा क्षेत्र में राजस्थान के भिवाड़ी से आने वाले जहरीले औद्योगिक कचरे और दूषित पानी की समस्या पर दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 450 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई, जिसमें 150 करोड़ रुपये की लागत से राजस्थान में एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा।


बैठक में लिए गए निर्णय

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच जलभराव और प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान पर सहमति बनी। बैठक में मसानी बैराज में छोड़े जाने वाले प्रदूषित पानी के प्रबंधन पर भी निर्णय लिया गया। इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव भी शामिल हुए।


स्थानीय लोगों की चिंताएं

हालांकि, स्थानीय निवासी अब भी इस समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि बैठकें तो होती रहती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर ठोस समाधान नहीं दिखता। लोगों की मांग है कि जब तक स्थायी समाधान लागू नहीं होता, तब तक हरियाणा में बनाया गया अस्थायी रैंप नहीं हटाया जाना चाहिए।