Newzfatafatlogo

हरियाणा सरकार का पेपरलेस और कैशलेस सिस्टम: नागरिकों को मिल रही सुविधाएं

हरियाणा सरकार ने नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए पेपरलेस और कैशलेस प्रणाली लागू की है। 'हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण' ने अब तक 2 करोड़ 36 लाख प्रमाण पत्र और सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई हैं। इस प्रणाली के तहत विभिन्न पेंशन योजनाओं और राशन कार्डों का लाभ भी सीधे नागरिकों को मिल रहा है। इसके अलावा, एकल पहचान प्रणाली और स्मार्ट कार्ड के माध्यम से नागरिकों की पहचान को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह हरियाणा के विकास में योगदान दे रही है।
 | 
हरियाणा सरकार का पेपरलेस और कैशलेस सिस्टम: नागरिकों को मिल रही सुविधाएं

हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण की नई पहल

चंडीगढ़, 22 मई। Family ID Haryana updates: हरियाणा सरकार ने नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों से राहत देने के लिए पेपरलेस, फेसलेस और कैशलेस प्रणाली को लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में 'हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण' ने एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकारी प्रवक्ता द्वारा चंडीगढ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार, प्राधिकरण ने अब तक विभिन्न विभागों के माध्यम से लगभग 2 करोड़ 36 लाख प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाएं नागरिकों को सीधे उनके घर पर ऑनलाइन उपलब्ध कराई हैं। यह महत्वाकांक्षी योजना जून 2020 में शुरू की गई थी, जिसने राज्य के विकास और कल्याणकारी नीतियों को एक नई और पारदर्शी दिशा दी है।


प्रमाण पत्रों और पेंशन धारकों का डेटाबेस

नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) के आयुक्त एवं सचिव श्री जे. गणेशन ने बताया कि इस डेटाबेस के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक बिना किसी देरी के सीधे लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्रदेश में 37 लाख से अधिक आय प्रमाण पत्र, 21 लाख पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, 23 लाख अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र और 8.5 लाख अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा, खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 39.76 लाख राशन कार्ड (PDS) और स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 82 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड सीधे मुहैया कराए गए हैं।


पेंशन और वित्तीय योजनाओं का लाभ

पेंशन और अन्य वित्तीय योजनाओं के तहत 9.7 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था सम्मान पेंशन, 93 हजार महिलाओं को विधवा पेंशन, 56 हजार लोगों को दिव्यांग पेंशन और 1 लाख से अधिक विधुर व अविवाहित लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी 'लाडो लक्ष्मी योजना' के तहत 11.21 लाख लाभार्थियों को जोड़ा गया है, जबकि 'विवाह शगुन योजना' के तहत 1.23 लाख, 'आपकी बेटी हमारी बेटी योजना' में 16 हजार और 'दयालु योजना' के अंतर्गत 57 हजार से अधिक परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता ट्रांसफर की जा रही है।


एक अनूठा प्लेटफॉर्म

हरियाणा का यह परिवार पहचान पत्र प्लेटफॉर्म पूरे देश में अपनी तरह का पहला और सबसे अनूठा प्रयोग बन चुका है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी 23 जिलों के कुल 77,41,912 परिवारों के 2,98,47,359 सदस्यों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में इस एकल प्लेटफॉर्म के साथ सरकार के 50 से अधिक मुख्य विभाग सीधे जुड़े हुए हैं, जो अपनी 400 से अधिक लोक कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ इसी विश्वसनीय डेटाबेस के आधार पर पात्र नागरिकों को दे रहे हैं। इस सिस्टम की सबसे बेहतरीन बात यह है कि यह जन्म, मृत्यु और विवाह के सरकारी रिकॉर्ड से सीधे लिंक है, जिससे किसी भी नागरिक की उम्र या पारिवारिक स्थिति बदलने पर डेटा खुद-ब-खुद (ऑटो-अपडेट) संशोधित हो जाता है।


सरकारी दफ्तरों में 'एकल पहचान' की स्थापना

प्रशासनिक कार्यकुशलता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए विभाग अब जल्द ही 'पीपीपी 2.0' को लॉन्च करने की तैयारी में है। यह नया सिस्टम वर्तमान व्यवस्था से कहीं ज्यादा उन्नत, सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल होगा। इसके तहत एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन भी पेश की जाएगी, जो विभिन्न सरकारी विभागों के बीच डेटा के सुरक्षित और सुगम आदान-प्रदान को आसान बनाएगी। पीपीपी 2.0 लागू होने के बाद सभी विभागों में अलग-अलग आईडी या पहचान पत्रों की जरूरत खत्म हो जाएगी और केवल एक ही 'एकल पहचान' काम करेगी। इससे सरकारी फाइलों और योजनाओं में होने वाली डुप्लीकेसी (फर्जीवाड़ा) पर पूरी तरह लगाम लगेगी।


क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट कार्ड से होगा त्वरित सत्यापन

भविष्य की तैयारियों को साझा करते हुए सचिव ने बताया कि नागरिकों की पहचान को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जल्द ही विशेष 'पीपीपी स्मार्ट कार्ड' जारी किए जाएंगे। ये स्मार्ट कार्ड देश के अन्य मुख्य पहचान पत्रों की तर्ज पर तैयार होंगे, जो सरकार की समस्त कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंचने का एकमात्र जरिया बनेंगे। इन स्मार्ट कार्ड्स में एक सुरक्षित क्यूआर (QR) कोड दिया जाएगा, जिसके जरिए सरकारी अधिकारी केवल 'टैप' या स्कैन करके ही नागरिक का सत्यापन कर सकेंगे। इसके बाद किसी भी दफ्तर में कागजी दस्तावेजों की खोज या मैनुअल वेरिफिकेशन की आवश्यकता नहीं रहेगी। यह कार्ड पहचान संबंधी समस्त आवश्यक डेटा को अपने भीतर सुरक्षित रखेगा, जिससे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी लाभार्थी की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।