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हरियाणा सरकार की नई जल नीति: ग्रामीणों को मिलेगा पानी का प्रबंधन

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सुधारने के लिए 'ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति-2026' की घोषणा की है। इस नई नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, पंचायतों को जल शुल्क के लिए मैचिंग ग्रांट मिलेगी, जिससे वे अपने गांव में पेयजल सुविधाओं का विस्तार कर सकेंगी। महिलाओं को भी इस पहल में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। जानें इस नई नीति के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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हरियाणा सरकार की नई जल नीति: ग्रामीणों को मिलेगा पानी का प्रबंधन

हरियाणा में जल प्रबंधन की नई पहल

चंडीगढ़, 27 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल की बर्बादी को रोकने और पेयजल आपूर्ति में सुधार लाने के लिए 'ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति-2026' की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव करते हुए जल आपूर्ति और बुनियादी ढांचे के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंप दी है। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि अब गांव के लोग अपने जल प्रबंधन का कार्य स्वयं करेंगे, जिससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।


सरकार की मैचिंग ग्रांट योजना

सरकार देगी मैचिंग ग्रांट

इस नीति में पंचायतों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए एक आकर्षक प्रावधान शामिल किया गया है। ग्राम पंचायतें अपने गांव से जल शुल्क (Water Tax) के रूप में जितना भी राजस्व इकट्ठा करेंगी, हरियाणा सरकार उतनी ही राशि 'मैचिंग ग्रांट' के रूप में प्रदान करेगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी पंचायत ने 1 लाख रुपये का बिल वसूला है, तो सरकार भी 1 लाख रुपये देगी। इस कुल 2 लाख रुपये के फंड का उपयोग पंचायत पेयजल सुविधाओं के विस्तार और पाइपलाइनों की मरम्मत के लिए कर सकेगी।


महिलाओं को मिलेगा रोजगार

महिलाओं के लिए कमाई का मौका

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को इस पहल में शामिल किया है। गांव में पानी के बिलों की वसूली का कार्य महिलाएं करेंगी। प्रोत्साहन राशि के रूप में, इन महिलाओं को उनके द्वारा वसूल किए गए कुल बिल का 10 प्रतिशत सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। इससे जल शुल्क की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित होगी और ग्रामीण महिलाओं के लिए घर बैठे रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।


अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई

अवैध कनेक्शनों पर गिरेगी गाज

नई नीति के तहत पंचायतों को केवल जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि कानूनी शक्तियां भी दी गई हैं। पंचायतें 'बिस्वास पोर्टल' के माध्यम से नए पानी और सीवर कनेक्शन जारी कर सकेंगी। इसके साथ ही, गांव में चल रहे अवैध कनेक्शनों को काटने और मीटरिंग सुनिश्चित करने का अधिकार अब सरपंच और पंचायत सचिव के पास होगा। सरकार का उद्देश्य हर ग्रामीण को प्रतिदिन 55 लीटर स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना है। डिजिटल भुगतान और एसएमएस अलर्ट के जरिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त हो जाएगी।