Newzfatafatlogo

हरियाणा सरकार की नई डिजिटल पहल: किसानों को मिलेगी तकनीकी सहायता

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए एक नई डिजिटल पहल की घोषणा की है, जिसमें क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म और किसान ई-खरीद एप शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सरकारी सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर से बचाना है। इसके अलावा, रबी सीजन में गेहूं की रिकॉर्ड आवक और खराब फसल पर राहत योजनाओं की भी जानकारी दी गई है। जानें इस नई पहल के बारे में और कैसे यह किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
 | 
हरियाणा सरकार की नई डिजिटल पहल: किसानों को मिलेगी तकनीकी सहायता

मुख्यमंत्री ने की नई तकनीकी पहल की घोषणा

चंडीगढ़, 25 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में बताया कि अगले सप्ताह से प्रदेश के किसान व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित जे-फॉर्म प्राप्त करेंगे। इस डिजिटल पहल का मुख्य लाभ यह है कि किसानों को बैंक ऋण या अन्य सरकारी सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और पारदर्शी बनाना है।


गेहूं की रिकॉर्ड आवक

गेहूं की रिकॉर्ड आवक ने तोड़े पिछले 4 साल के रिकॉर्ड


रबी सीजन 2026-27 हरियाणा के किसानों के लिए समृद्धि लेकर आया है। प्रदेश की मंडियों में अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई। अब तक 5.80 लाख किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं और डिजिटल गेट पास के जरिए उनकी पहचान सुनिश्चित की जा रही है।


किसान ई-खरीद एप की योजना

‘किसान ई-खरीद एप’ से आसान होगी खेती


मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा कि अगले सीजन में ‘किसान ई-खरीद एप’ लॉन्च किया जाएगा। इस एप में किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई, उपज सत्यापन और गेट पास शेड्यूलिंग जैसी सभी जानकारियां एक ही स्थान पर मिलेंगी। सरकार ने तकनीक का उपयोग करते हुए प्रदेश की सभी 416 मंडियों और 281 खरीद केंद्रों की जियो-फेंसिंग की है, ताकि फर्जी खरीद की संभावनाएं समाप्त हो सकें।


खराब फसल पर राहत

खराब फसल पर बड़ी राहत और बढ़ा हुआ कमीशन


बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गुणवत्ता मानकों में ढील दी गई है। अब 70 प्रतिशत तक चमक में कमी वाले गेहूं को भी स्वीकार किया जा रहा है और टूटे दानों की सीमा 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है। इसके अलावा, आढ़तियों के योगदान को सराहते हुए उनके कमीशन को 33.75 रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।


पारदर्शी भुगतान प्रणाली

पारदर्शी भुगतान प्रणाली और मुआवजा


पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था से पैसा सीधे खातों में जा रहा है। अब तक 79 लाख मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है। सरकार ने पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे और बीमा के तहत 16,160 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है, जबकि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 7,562 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।