हरियाणा सरकार की नई परिवहन योजना: हाईटेक बस सेवाएं और इलेक्ट्रिक स्टैंड
हरियाणा में परिवहन व्यवस्था को हाईटेक बनाना
चंडीगढ़, हरियाणा रोडवेज: हरियाणा सरकार ने राज्य की परिवहन प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिक और जनता के अनुकूल बनाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी गांवों और शहरों को सरकारी बस सेवा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना आवश्यक है ताकि लोग निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर सकें और ईंधन की खपत भी घट सके।
पेट्रोल पंपों पर नंबर प्लेट की स्कैनिंग
मुख्यमंत्री ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य में जिन वाहनों के पास वैध पीयूसी (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडिंग कैमरे लगाए जाएंगे, जो वाहन के आते ही उसका प्रदूषण स्तर स्कैन करेंगे।
रेलवे की तर्ज पर लाइव ट्रैकिंग और इलेक्ट्रिक बस स्टैंड
यात्रियों की सुविधा के लिए हरियाणा रोडवेज की सभी बसों को रेलवे जैसे ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यात्री एक मोबाइल ऐप के माध्यम से देख सकेंगे कि उनकी बस कहां है और कब पहुंचेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे, जो सीधे एक राज्य स्तरीय यूनिफाइड कमांड कंट्रोल सेंटर से जुड़े होंगे।
20 लाख नए हैप्पी कार्ड और ऑटोमैटिक गाड़ी पासिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की हैप्पी कार्ड योजना के तहत अब तक 20 लाख कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जल्द ही 20 लाख नए कार्डों का वितरण शुरू होगा। इसके अलावा, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए वाहनों की पासिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑटोमैटिक किया जाएगा।
हरियाणा में व्हीकल स्क्रैपिंग में अव्वल
बैठक में यह भी बताया गया कि अनुपयोगी वाहनों को स्क्रैप करने में हरियाणा देश में सबसे आगे है। राज्य में 26 व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटर कार्यरत हैं। केंद्र सरकार की नीति के तहत यहां स्क्रैपिंग पर प्रति वाहन 15,000 रुपये का इंसेंटिव मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती जिलों में नए स्क्रैपिंग सेंटर खोलने का सुझाव दिया है।
