हरियाणा सरकार की नई बीमा योजना से व्यापारियों को मिलेगी सुरक्षा
हरियाणा में व्यापारियों के लिए नई बीमा योजना
चंडीगढ़, 04 मई। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश के व्यापारियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने 'मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना' और माल के नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य लाभ उन छोटे और मध्यम दुकानदारों को होगा, जो किसी अप्रत्याशित घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण आर्थिक संकट में पड़ जाते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 31 मई तक अधिक से अधिक व्यापारियों को इस सुरक्षा योजना में शामिल किया जाए, जिससे व्यापारिक ढांचे को मजबूती मिल सके।
दुर्घटना या अपंगता पर 5 लाख रुपये की सहायता
दुर्घटना या अपंगता पर 5 लाख की मदद
इस योजना की एक प्रमुख विशेषता इसका व्यापक कवरेज है। यदि किसी पंजीकृत व्यापारी की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है या वह स्थायी रूप से अपंग हो जाता है, तो सरकार उसके परिवार को 5 लाख रुपये तक की बीमा राशि प्रदान करेगी। इसके अलावा, योजना में व्यापारियों के माल (स्टॉक) की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। यदि आगजनी या किसी अन्य आपदा के कारण दुकान के स्टॉक का नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई के लिए भी बीमा कवरेज उपलब्ध होगा। विभिन्न श्रेणियों के अनुसार बीमा कवर की राशि निर्धारित की गई है, जिससे छोटे दुकानदारों से लेकर मध्यम व्यापारियों तक को लाभ मिलेगा।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मई
पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 मई
सरकार ने इस योजना को आर्थिक रूप से कमजोर व्यापारियों के लिए सुलभ बनाया है। पंजीकरण के लिए केवल 50 रुपये का मामूली शुल्क निर्धारित किया गया है। इच्छुक व्यापारी हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई 2026 है। अधिकारियों का कहना है कि यह पोर्टल सरल बनाया गया है ताकि व्यापारी बिना किसी कठिनाई के अपना रजिस्ट्रेशन कर सकें।
आर्थिक मजबूती और उद्योग जगत को सहारा
आर्थिक मजबूती और उद्योग जगत को सहारा
हरियाणा सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों को मानसिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। अक्सर आगजनी या चोरी जैसी घटनाओं के बाद छोटे व्यापारियों का व्यापार प्रभावित हो जाता है। इस बीमा योजना के माध्यम से उन्हें पुनः खड़े होने के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार की यह नीति व्यापार को 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' के साथ-साथ 'इज ऑफ सर्वाइवल' से भी जोड़ती है। यदि आप हरियाणा में व्यापार करते हैं, तो समय सीमा समाप्त होने से पहले अपना बीमा कराना एक समझदारी भरा निर्णय होगा।
