हरियाणा सरकार की नई योजना: महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन प्रदान करने का निर्णय
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम
चंडीगढ़, 15 मई। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में घोषणा की कि राज्य सरकार 'महिला एवं किशोरी सम्मान योजना' को लागू कर रही है, जिसका उद्देश्य 'स्वच्छता, सम्मान और सशक्तिकरण' को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत 10 से 45 वर्ष की बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी की महिलाओं और किशोरियों को मुफ्त सेनेटरी नैपकिन प्रदान किए जाएंगे। यह कदम ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
20 मई तक आवेदन करने का अवसर
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए एक सरल प्रक्रिया निर्धारित की गई है। योग्य महिलाओं और किशोरियों को 20 मई 2026 तक निर्धारित सरकारी पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिन महिलाओं के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे अपने गांव या वार्ड के नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे फॉर्म भरने और योजना की जानकारी देने में महिलाओं की मदद करें।
मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को समाप्त करना
भ्रांतियों को मिटाने का प्रयास
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य समाज में मासिक धर्म से जुड़ी पुरानी भ्रांतियों और संकोच को समाप्त करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। सरकार का लक्ष्य हर महिला को स्वच्छता के साधन प्रदान कर उन्हें गरिमापूर्ण और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करना है। यह पहल केवल मुफ्त सेनेटरी पैड देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों के प्रति जागरूक करने का एक बड़ा अभियान है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
सभी पात्र महिलाओं से अपील
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं और किशोरियों से अपील की है कि वे समय पर इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराएं और अपने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर बनें। इसके साथ ही, उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। आरती सिंह राव ने कहा कि योजना की पहुंच समाज की अंतिम पंक्ति में बैठी महिला तक होनी चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
