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हरियाणा सरकार की नई सब्सिडी योजना से किसानों को मिलेगा लाभ

हरियाणा सरकार ने अंबाला जिले के किसानों के लिए एक नई सब्सिडी योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य खेती की लागत को कम करना और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना है। इस योजना के तहत किसानों को सीधे उनके खातों में नकद सहायता मिलेगी, जिससे उन्हें बीज खरीदने में आसानी होगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में मदद करेगी। जानें इस योजना के बारे में और कैसे किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।
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हरियाणा सरकार का बड़ा कदम

अंबाला, 05 अप्रैल। हरियाणा सरकार ने अंबाला जिले के किसानों के लिए खेती की लागत को कम करने और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है। कृषि विभाग ने हरी खाद वाली फसलों जैसे ढेंचा, मूंग, उड़द, सोयाबीन और लोबिया को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी योजना लागू की है। इस योजना के तहत किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने सीधे किसानों के खातों में प्रति एकड़ 1000 रुपये की नकद सहायता भेजने का निर्णय लिया है। इससे जिले के हजारों किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी।


मिट्टी की सेहत में सुधार

यूरिया की चिंता खत्म होगी


अंबाला और उसके आस-पास के क्षेत्रों में गेहूं-धान के चक्र और रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग के कारण जमीन बंजर होने की स्थिति में पहुंच गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ढेंचा और अन्य दलहनी फसलें मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं। इससे अगली फसल के लिए महंगे उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है और मिट्टी की जल धारण क्षमता में सुधार होता है। यह योजना उन क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी जहां लगातार खेती से उत्पादकता में कमी आ रही है।


बीज खरीदने में आसानी

नकद सहायता से बीज की खरीद में सुविधा


पहले सरकार किसानों को इन फसलों के बीज उपलब्ध कराती थी, जिसमें अक्सर देरी और गुणवत्ता की समस्याएं होती थीं। अब सरकार ने सीधे नकद सहायता देने का निर्णय लिया है, जिससे किसान अपनी पसंद के अनुसार उत्तम बीज खरीद सकेंगे। अंबाला के किसान अब अपनी सुविधा के अनुसार ढेंचा या मूंग की बिजाई कर सकते हैं और अधिकतम 10 एकड़ तक की भूमि पर कुल 10,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।


सरल पंजीकरण प्रक्रिया

डिजिटल पंजीकरण और सत्यापन


इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया गया है। किसानों को पहले 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर अपनी फसल का विवरण दर्ज करना होगा। आवेदन के बाद कृषि विभाग की टीम मौके पर जाकर फसल का सत्यापन करेगी। सत्यापन रिपोर्ट अपलोड होते ही सब्सिडी की राशि सीधे किसान के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह कदम फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि में सहायक होगा।