हरियाणा सरकार ने 23 अवैध कॉलोनियों को नियमित किया, निवासियों को मिलेगी राहत
हरियाणा में अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण
हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अंबाला, करनाल और नारनौल सहित 7 शहरों की 23 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का निर्णय लिया है। इससे स्थानीय निवासियों को सड़क, पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राप्त होंगी।
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला
चंडीगढ़। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए यह एक राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
निवासियों का लंबे समय से था इंतजार
इन कॉलोनियों के निवासी लंबे समय से कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अवैध होने के कारण यहां न तो पक्की सड़कें बन पा रही थीं और न ही सीवरेज और पीने के पानी की उचित व्यवस्था थी।
सरकार के इस निर्णय से अंबाला, करनाल, पलवल, झज्जर और नारनौल जैसे जिलों में निवासियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। नगर निगम और नगर परिषद अब इन क्षेत्रों में विकास कार्य कर सकेंगी।
करनाल और अंबाला को मिली विशेष सौगात

सीएम सिटी करनाल और अंबाला के निवासियों को इस फैसले का सबसे अधिक लाभ मिला है। प्रशासन द्वारा जारी सूची में इन शहरों की प्रमुख कॉलोनियों को वैध घोषित किया गया है।
नारनौल के निवासियों के लिए खुशखबरी
सरकार की सूची में नारनौल जिले की एक दर्जन कॉलोनियों को नियमित किया गया है, जिससे हजारों लोगों को लाभ होगा। नारनौल की नियमित कॉलोनियों में दिवान कॉलोनी, नीलकंठ कॉलोनी, आरके पुरम कॉलोनी, गणेश कॉलोनी और अन्य शामिल हैं।
पलवल और झज्जर को भी राहत
एनसीआर से सटे पलवल और झज्जर जिलों की कॉलोनियों को भी नियमित किया गया है। पलवल की आईडी नंबर 295 वाली कॉलोनी और झज्जर में लालचंद प्रिया बेरी गेट को भी नियमित सूची में शामिल किया गया है।
कॉलोनियों की तस्वीर में आएगा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉलोनियों के नियमित होने से प्रॉपर्टी के रेट में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
- लोन मिलना होगा आसान: अब अवैध कॉलोनियों के निवासी बैंकों से होम लोन प्राप्त कर सकेंगे।
- विकास कार्य: विधायक और पार्षद कोटे से विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है।
- रजिस्ट्री: लोग अब अपने प्लॉट और मकान की रजिस्ट्री करवा सकेंगे।
सरकार का दृष्टिकोण
नायब सैनी सरकार का मानना है कि हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। अवैध कॉलोनियों को नियमित करना केवल एक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।
