हरिवंश नारायण सिंह फिर से बने राज्यसभा के उपसभापति
हरिवंश का तीसरा कार्यकाल
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में पुनः निर्वाचित किया गया है। यह उनका तीसरा कार्यकाल है, और उनका चयन निर्विरोध हुआ है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने चुनाव की तारीख शुक्रवार को निर्धारित की थी। विपक्ष की ओर से कोई भी उम्मीदवार नहीं होने के कारण हरिवंश ने बिना किसी प्रतिस्पर्धा के जीत हासिल की।
कांग्रेस का चुनाव बहिष्कार
हालांकि, कांग्रेस ने इस चुनाव का बहिष्कार किया और मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में लोकसभा में कोई उपाध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व बताया। BJP और NDA के कई नेताओं ने हरिवंश की उम्मीदवारी का समर्थन किया, जिसमें सदन के नेता जेपी नड्डा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल थे। सदन ने ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित किया, जिसके बाद सभापति ने हरिवंश को निर्वाचित घोषित किया।
प्रधानमंत्री मोदी की बधाई
पीएम मोदी ने दी बधाई:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा, "मैं हरिवंश जी को बधाई देता हूं। राज्य सभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना इस सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास है। सबको साथ लेकर चलने का आपका प्रयास सदन ने आज मान्यता दी है। यह एक सहज कार्यशैली का सम्मान है। हम सबने हरिवंश जी के नेतृत्व में सदन की शक्ति को प्रभावित होते देखा है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं हरिवंश जी को बधाई देता हूं। राज्य सभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना अपने आप में इस सदन का आपके प्रति गहरा विश्वास है। सबको साथ लेकर चलने का आपका जो प्रयास रहा है उसको एक प्रकार से सदन ने आज मोहर लगा दी है। ये एक सहज… pic.twitter.com/S5RC0O90V2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 17, 2026
कांग्रेस की आलोचना
कांग्रेस ने की सरकार की आलोचना:
कांग्रेस ने चुनाव से पहले विपक्ष के साथ सलाह न करने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि हरिवंश अपने तीसरे कार्यकाल में विपक्षी दलों की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएंगे। हरिवंश अब उन कुछ लोगों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने उपसभापति के रूप में तीन कार्यकाल पूरे किए हैं। उनका कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद ही राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया था।
