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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमृतपाल सिंह की हिरासत डिब्रूगढ़ जेल में जारी रहेगी

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की हिरासत को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने निर्देश दिया है कि उनकी नजरबंदी की अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में रखा जाए। राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह मांग की थी। इस आदेश के तहत, अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रायल की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए भी निर्देश दिए हैं। जानें इस मामले में और क्या हुआ है।
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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमृतपाल सिंह की हिरासत डिब्रूगढ़ जेल में जारी रहेगी

अमृतपाल सिंह की हिरासत पर हाईकोर्ट का आदेश

चंडीगढ़ - पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की हिरासत को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने यह निर्देश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत नजरबंदी की अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्हें असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में रखा जाए।


मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने यह आदेश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें पंजाब सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की मांग की थी।


राज्य सरकार का सुरक्षा तर्क
पंजाब सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि अमृतपाल सिंह की NSA के तहत नजरबंदी 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। उन्होंने खुफिया एजेंसियों के इनपुट का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उन्हें रिहा किया गया, तो इससे कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। राज्य ने अदालत से अनुरोध किया कि अजनाला कांड से जुड़े विभिन्न एफआईआर मामलों में उनकी हिरासत डिब्रूगढ़ जेल में जारी रखने की अनुमति दी जाए।


बचाव पक्ष की कानूनी दलीलें
अमृतपाल सिंह के वकील ने राज्य के रुख का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा हालात में आरोपी के लिए जमानत और ट्रायल जैसी कानूनी राहत प्राप्त करना कठिन हो गया है। बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि अमृतपाल सिंह कई अन्य एफआईआर में भी नामजद हैं और सभी मामलों में एक साथ कार्रवाई कर ट्रायल को समानांतर रूप से चलाना चाहिए, ताकि न्याय प्रक्रिया में देरी न हो।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ट्रायल की व्यवस्था
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि ट्रायल की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आरोपी को अपने वकीलों से परामर्श के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।


सुनवाई के दौरान असम सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और अदालत को आश्वस्त किया कि डिब्रूगढ़ जेल में सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं और कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाएगा। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन इस अंतरिम आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि अमृतपाल सिंह की हिरासत और कानूनी स्थिति पर अदालत की निगरानी जारी रहेगी।