हामिद अंसारी की बकरीद पर खास अपील: गाय की कुर्बानी से बचें
हामिद अंसारी की अपील
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने बकरीद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर गाय की कुर्बानी से बचना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि गाय को राष्ट्रीय पशु के रूप में मान्यता देने पर गंभीरता से विचार किया जाए। अंसारी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के सुझाव का समर्थन किया है।
इस्लाम में कुर्बानी के विकल्प
हामिद अंसारी ने स्पष्ट किया कि इस्लाम में केवल गाय की कुर्बानी अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'आप बकरी या ऊंट की भी कुर्बानी दे सकते हैं। यदि हम किसी ऐसी चीज से बच सकते हैं जो अन्य नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, तो हमें ऐसा करना चाहिए। आपसी भाईचारे के लिए यह आवश्यक है।'
गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा
पूर्व उपराष्ट्रपति ने मौलाना मदनी के सुझाव को सही ठहराते हुए कहा, 'जैसे हमारे देश का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, वैसे ही गाय को भी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जा सकता है। इसमें किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।' मौलाना मदनी ने कहा था कि यदि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु बनाती है, तो मुसलमानों को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। उनका मानना है कि इससे गाय के नाम पर होने वाली हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगेगी।
संविधान का पालन
जब हामिद अंसारी से गो-रक्षकों द्वारा मवेशी व्यापारियों पर हमलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैं संविधान का पालन करने वाला व्यक्ति हूं। जो कुछ भी हमारे संविधान में लिखा है, उसका पालन होना चाहिए और जो कानून के खिलाफ है, उसे रोका जाना चाहिए।' उन्होंने सभी नागरिकों से त्योहारों के दौरान शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की, ताकि किसी भी विवाद या हिंसा से बचा जा सके। इस साल भारत में ईद-उल-अजहा 28 मई को मनाई जाएगी।
