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हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

असम की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह असम में दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता हैं। इस समारोह में कई प्रमुख नेता शामिल हुए। जानें उनके राजनीतिक सफर और एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के बारे में।
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हिमंता बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

असम में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह

दिल्ली: असम की राजनीति में मंगलवार का दिन एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस उपलब्धि के साथ, वह असम में दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बनने वाले पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए। गुवाहाटी में आयोजित एक भव्य समारोह में, राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।


राज्यपाल ने रविवार को उन्हें एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया। यह एनडीए सरकार का असम में लगातार तीसरा कार्यकाल है। पहले 2016 में भाजपा के नेतृत्व में सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने थे, और 2021 में हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की कमान संभाली थी।




इस शपथ ग्रहण समारोह को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए।


हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, जब असम में कांग्रेस का दबदबा था और भाजपा के पास केवल पांच विधायक थे। हिमंता सरमा ने भाजपा को पूर्वोत्तर में मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से काम किया।


2016 में भाजपा ने उन्हें नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) का संयोजक बनाया। इसके बाद, उन्होंने पूर्वोत्तर के क्षेत्रीय दलों को भाजपा के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वोत्तर में भाजपा के तेजी से बढ़ते प्रभाव के पीछे हिमंता बिस्वा सरमा की रणनीति सबसे बड़ा कारण रही है।