NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: छात्रों का प्रदर्शन और सरकार की लापरवाही पर सवाल
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने का मामला
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: नीट परीक्षा के रद्द होने के निर्णय ने छात्रों के बीच हंगामा खड़ा कर दिया है। इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के सदस्यों ने दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
छात्रों के भविष्य पर संकट
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीट परीक्षा की तैयारी में छात्रों ने वर्षों की मेहनत की है। परीक्षा के रद्द होने से उनकी मेहनत बेकार हो गई है, जिससे छात्रों में निराशा और असमंजस का माहौल बन गया है। संगठन ने सरकार से मांग की है कि पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
पुलिस की कार्रवाई
शिक्षा मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन बढ़ता देख, दिल्ली पुलिस ने बड़ी संख्या में बल तैनात किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लगभग 20 से 25 एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें मंत्रालय परिसर से हटाकर नजदीकी थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया।
छात्रों में असमंजस
नीट परीक्षा के अचानक रद्द होने से देशभर के चिकित्सा उम्मीदवारों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार होने वाली गड़बड़ियां उनकी मानसिक सेहत और करियर के लिए गंभीर खतरा बन रही हैं।
पेपर रद्द होने की घोषणा
नीट (UG) 2026 की परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। हालांकि, पेपर लीक की घटनाओं और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के चलते, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की।
विनोद जाखड़ का बयान
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा: नीट परीक्षा का रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी बड़े स्तर पर हुई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन छात्रों ने मेहनत की, उनके साथ अन्याय का जिम्मेदार कौन है? उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार को छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
