अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी: पंजाब पुलिस ने इंटरपोल के सहयोग से किया बड़ा खुलासा
अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अमृतपाल सिंह, जिसे अमृत दलम के नाम से भी जाना जाता है, को इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर यूरोप के मोल्दोवा बॉर्डर पर गिरफ्तार किया गया है। यह नोटिस पंजाब पुलिस के अनुरोध पर विदेश मंत्रालय, सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जारी किया गया था।
पंजाब पुलिस की कार्रवाई
पंजाब पुलिस के प्रमुख ने शनिवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। डीजीपी गौरव यादव ने ट्वीट कर बताया कि अमृतपाल सिंह पंजाब में गंभीर अपराधों के लिए वांछित था और वह काफी समय से विदेश में छिपा हुआ था। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की निरंतर निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के कारण उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण
डीजीपी ने आगे बताया कि अमृतपाल को भारत लाने के लिए कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाएं चल रही हैं ताकि वह कानून का सामना कर सके। यादव ने कहा कि अमृत दलम की गिरफ्तारी उन अपराधियों को ट्रैक करने और वापस लाने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है जो विदेशों में न्याय से बच रहे हैं।
अमृतपाल का आपराधिक इतिहास
Most-Wanted Gangster Detained at Moldova Border
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) March 7, 2026
Amritpal Singh @ Amrit Dalam, a most-wanted gangster linked to the Jaggu Bhagwanpuria gang, has been detained at the Moldova border on the basis of an Interpol Red Notice issued at the request of Punjab Police in coordination with… pic.twitter.com/bkqnNLMOnF
पुलिस का कहना है कि अमृतपाल विदेश में रहते हुए जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा हुआ था। वह विशेष रूप से अमृतसर क्षेत्र में लोगों और व्यापारियों से जबरन वसूली के लिए फोन कर रहा था। अमृतपाल का संबंध गुरदासपुर के बटाला जिले के एक गांव से है, और उस पर मादक पदार्थों की तस्करी, हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े चार अलग-अलग मामले दर्ज हैं।
पंजाब पुलिस की खोज
पंजाब पुलिस वर्तमान में 61 विदेशी गैंगस्टरों की तलाश कर रही है, जिनमें अमृतपाल सिंह भी शामिल है। इन गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण को तेज करने के लिए, पंजाब पुलिस ने एक प्रवासी भगोड़ा ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ (OFTEC) का गठन किया है। पिछले नवंबर में, पुलिस ने अमृतपाल के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था, जिन पर आरोप है कि अमृतपाल ने उन्हें लक्षित हत्याएं करने का काम सौंपा था।
