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अमेरिका-इजराइल का ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला

अमेरिका और इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और अन्य ऊर्जा स्थलों पर हवाई हमले किए हैं। इस हमले के पीछे की वजह और ईरान की प्रतिक्रिया जानें। इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी इस हमले के संदर्भ में बड़े आश्चर्य की बात कही है। ईरान ने खाड़ी देशों में हमलों की चेतावनी दी है। भारतीय जहाज जग लाडकी भी गुजरात पहुंच चुका है, जिसमें बड़ी मात्रा में कच्चा तेल है।
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अमेरिका-इजराइल का ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला

गैस और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की जानकारी


तेल अवीव/तेहरान: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के दौरान, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के ऊर्जा स्थलों को लक्षित करना शुरू कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इन दोनों देशों ने दक्षिणी ईरान में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर हवाई हमले किए हैं। साउथ पार्स को विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में गैस के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल और तेल की संरचनाओं को भी निशाना बनाया गया है। इजराइली मीडिया ने बुशेहर क्षेत्र में गैस सुविधाओं पर हमले की पुष्टि की है।


इजराइल के रक्षा मंत्री का बयान

इजराइल के रक्षा मंत्री ने पहले कहा था कि आज ईरान और लेबनान में बड़े आश्चर्य देखने को मिलेंगे, जिसे इन हमलों से जोड़ा जा रहा है। इसके जवाब में, ईरान ने खाड़ी देशों में बड़े हमलों की चेतावनी दी है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने नागरिकों से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के प्रमुख तेल और गैस स्थलों से दूर रहने की अपील की है। कतर ने ईरान के गैस क्षेत्र पर हमले की निंदा की है।


भारतीय जहाज जग लाडकी का गुजरात पहुंचना

भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर जग लाडकी गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट पर पहुंच गया है। यह जहाज यूएई के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए आया है। इस पर 80,886 मीट्रिक टन (लगभग 5.8-6 लाख बैरल) कच्चा तेल लदा है। भारत में प्रतिदिन लगभग 5.5-5.6 मिलियन बैरल (करीब 90 करोड़ लीटर) तेल की खपत होती है।