अमेरिका-ईरान युद्ध: ट्रंप का दावा, जल्द खत्म होगा संघर्ष
अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों से रोकना
वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध का आज 33वां दिन है। दोनों पक्षों से हमलों की खबरें आ रही हैं, और यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रहा है। सभी देश इस युद्ध के शीघ्र समाप्त होने की कामना कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यह युद्ध अगले 2 से 3 हफ्तों में समाप्त हो सकता है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है और ऑपरेशन अंतिम चरण में है। उन्होंने मंगलवार रात व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों के विकास से रोकना था, जो अब पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौता होता है, तो युद्ध पहले भी समाप्त हो सकता है।
ईरान का युद्ध समाप्त करने का इरादा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश युद्ध समाप्त करना चाहता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी होनी चाहिए, विशेषकर यह सुनिश्चित करना कि भविष्य में ऐसा हमला नहीं होगा। उन्होंने यह बात यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से फोन पर बातचीत में कही।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें अमेरिका से सीधे और मध्यस्थों के माध्यम से संदेश मिल रहे हैं, लेकिन यह औपचारिक बातचीत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान केवल तब ही युद्ध समाप्त करने पर सहमत होगा जब युद्ध पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, अस्थायी युद्धविराम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इजरायली प्रधानमंत्री का बयान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान को एक महीना हो चुका है और इस दौरान उन्होंने आतंक फैलाने वाले तंत्र को काफी कमजोर कर दिया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस अभियान से ईरान की सत्ता कमजोर हुई है और अब वह पहले जैसी मजबूत नहीं रही। नेतन्याहू के अनुसार, हमने इस व्यवस्था को हिला दिया है और यह अंततः गिर जाएगी। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि क्षेत्र में तनाव कम होने वाला नहीं है और भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
