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अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का युद्धविराम समझौता: 300 अरब डॉलर का फंड प्रस्तावित

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते में 300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण फंड और अमेरिकी कंपनियों के निवेश का प्रस्ताव शामिल है। इस समझौते के तहत, ईरान को आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है, जबकि दोनों पक्षों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर सहमति बनने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जानें इस महत्वपूर्ण समझौते के बारे में और क्या है इसके पीछे की कहानी।
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अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का युद्धविराम समझौता: 300 अरब डॉलर का फंड प्रस्तावित

अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते की नई जानकारी


अमेरिका-ईरान 60 दिन का युद्धविराम: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में संकट उत्पन्न कर दिया है, जिसके कारण पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें बढ़ रही हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते के बारे में नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते में ईरान को 300 अरब डॉलर (लगभग 25 लाख करोड़ रुपये) का पुनर्निर्माण फंड और अमेरिकी कंपनियों के निवेश का प्रस्ताव शामिल है।


न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक ईरानी अधिकारी ने इस फंड को पुनर्निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा कि जब अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, तब ईरान को यह आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, दोनों पक्षों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर सहमति बनने की संभावना भी बढ़ी है, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है, यह कहते हुए कि परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही है और उनका मुख्य ध्यान युद्ध समाप्त करने पर है।


इससे पहले, ट्रंप ने कहा था कि संभावित समझौते में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी को समाप्त करेगा और होर्मुज स्ट्रेट में किसी प्रकार का टोल नहीं लिया जाएगा। उन्होंने ओमान को चेतावनी दी कि यदि उसने ईरान की टोल वसूली व्यवस्था का समर्थन किया, तो इस व्यवस्था में शामिल देशों, कंपनियों और व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।