अमेरिकी विदेश मंत्री की भारत, कनाडा और केन्या के नेताओं से महत्वपूर्ण वार्ता
अमेरिका के विदेश मंत्री की वार्ता
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत, कनाडा और केन्या के अपने समकक्ष नेताओं के साथ बातचीत की। इस चर्चा में ईरान, मध्य पूर्व की स्थिति और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचार किया गया। उनके प्रवक्ता ने इस जानकारी को साझा किया।
भारत के साथ चर्चा
रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत की, जिसमें मध्य पूर्व की बदलती परिस्थितियों पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विचार किया और आपसी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।
कनाडा के विदेश मंत्री से वार्ता
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बातचीत में ईरान और उसके परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की कार्रवाई पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा उठाए गए कदमों पर विचार किया।
हैती का मुद्दा
इस बातचीत में हैती का मुद्दा भी उठाया गया। रुबियो ने बताया कि अमेरिका वहां शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयास कर रहा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी से गठित 'गैंग सप्रेशन फ़ोर्स' को समर्थन भी शामिल है।
केन्या के राष्ट्रपति के साथ वार्ता
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो के साथ अलग से हुई बातचीत में रुबियो ने ईरान के मुद्दे पर केन्या के रुख की सराहना की। उन्होंने खाड़ी देशों के खिलाफ ईरान की आक्रामकता की निंदा करने के लिए रुटो को धन्यवाद दिया।
अर्थव्यवस्था और सहयोग
रुबियो ने हैती में शांति बनाए रखने में केन्या के योगदान की सराहना की और 'गैंग सप्रेशन फ़ोर्स' के लिए उसके सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। दोनों नेताओं के बीच आर्थिक संबंधों पर भी चर्चा हुई।
सारांश
इन वार्ताओं से स्पष्ट है कि अमेरिका ईरान और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने प्रमुख साझेदार देशों के साथ तालमेल मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। भारत, कनाडा और केन्या अमेरिका के महत्वपूर्ण सहयोगी देश हैं, जो कूटनीति, सुरक्षा सहयोग और शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
