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अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के कपास आयात शुल्क फैसले पर उठाए सवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के कपास आयात शुल्क में छूट को किसानों के साथ धोखा बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारतीय कपास किसानों के हितों के खिलाफ है, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिलेगा। केजरीवाल ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की अपील की है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और इसके पीछे की पूरी कहानी।
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अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के कपास आयात शुल्क फैसले पर उठाए सवाल

किसानों के हितों की रक्षा की मांग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के हालिया निर्णय की तीखी आलोचना की है, जिसमें कपास पर आयात शुल्क में छूट को बढ़ाने का फैसला किया गया है। केजरीवाल ने इसे किसानों के साथ "धोखा" करार दिया है।


केंद्र सरकार ने बिना ब्रांड वाले कपास पर 10% आयात शुल्क की छूट को जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे विदेशी कपास भारत में बिना किसी अतिरिक्त कर के उपलब्ध रहेगा। यह कदम टेक्सटाइल उद्योग को सस्ता कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।


केजरीवाल का कहना है कि यह निर्णय भारतीय कपास किसानों के हितों के खिलाफ है। उनका तर्क है कि जब सस्ता विदेशी कपास बाजार में आएगा, तो भारतीय किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा। इससे किसानों की आमदनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।


उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "जब हमारे देश के किसान कपास उगाते हैं, तो केंद्र सरकार बाहर से कपास क्यों मंगवा रही है? बाहर से आने वाले कपास पर टैक्स हटाने से हमारे किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम नहीं मिलेगा। यह हमारे देश के किसानों के साथ धोखा है। मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि वे इस फैसले को तुरंत वापस लें।"


इस निर्णय ने एक बार फिर सरकार और किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। जहां टेक्सटाइल उद्योग को राहत मिल रही है, वहीं कपास किसान अपनी भविष्य की चिंता कर रहे हैं।