अलास्का में अमेरिकी F-35 फाइटर जेट की दुर्घटना: पायलट ने बचाने की कोशिश की

अलास्का में F-35 फाइटर जेट की दुर्घटना
नई दिल्ली - अमेरिकी वायुसेना का F-35 फाइटर जेट अलास्का के एक रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस घटना में पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना जेट को सुरक्षित रखने का प्रयास किया।
फाइटर जेट ने गंभीर तकनीकी खराबी के बावजूद खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन अंततः यह ताश के पत्तों की तरह गिरकर आग के गोले में बदल गया। पायलट ने इंजीनियरों के साथ हवा में 50 मिनट तक कॉन्फ्रेंस कॉल की, ताकि समस्या का समाधान किया जा सके। जब सभी प्रयास विफल हो गए, तो पायलट को पैराशूट की मदद से जेट से बाहर निकलना पड़ा। इसके बाद जेट अलास्का के रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि जेट के हाइड्रोलिक सिस्टम में बर्फ जमने के कारण लैंडिंग गियर जाम हो गया था।
World’s most expensive F-35 crashes in Alaska after landing gear freezes… incident was kept secret!
Incident occurred on Jan 28, 2025
US Air Force F-35A crashed at Eielson Air Base in Alaska. The jet’s landing gear froze in extreme cold because of contaminated hydraulic… pic.twitter.com/H3GBWJQh97
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) August 28, 2025
उड़ान भरने के तुरंत बाद, पायलट ने लैंडिंग गियर को वापस लेने का प्रयास किया, लेकिन यह बायीं ओर अटक गया। गियर को फिर से नीचे लाने की कोशिश भी सफल नहीं हुई। जेट के सेंसर ने गलत संकेत दिया कि विमान जमीन पर उतर चुका है, जिससे जेट बेकाबू हो गया। पायलट ने इंजीनियरों के साथ मिलकर 50 मिनट तक समस्या को हल करने की कोशिश की, जिसमें दो बार 'टच एंड गो' लैंडिंग की गई, लेकिन दोनों प्रयास असफल रहे। अंततः, सेंसर के गलत संकेतों के कारण जेट पूरी तरह से बेकाबू हो गया, और पायलट को पैराशूट से कूदना पड़ा।
दुर्घटना के बाद, जेट रनवे पर गिरकर जलने लगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जेट को घूमते और आग के गोले में बदलते हुए देखा गया। वायुसेना की जांच में यह सामने आया कि जेट के फ्रंट और दाहिने लैंडिंग गियर के हाइड्रोलिक फ्लूइड में एक-तिहाई पानी था, जो -18 डिग्री सेल्सियस की ठंड में जम गया। यही बर्फ गियर के जाम होने का मुख्य कारण बनी।