आगरा में यमुना नदी में डूबने से चार बच्चों की मौत, परिवार में मातम
आगरा में दुखद घटना
आगरा: मंगलवार का दिन आगरा में एक परिवार के लिए एक भयानक त्रासदी बनकर आया। गर्मी से राहत पाने के लिए घर से बाहर निकले बच्चों की हंसी कुछ ही समय में चीखों में बदल गई। यमुना नदी में नहाने गए सात बच्चों में से चार की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो को स्थानीय गोताखोरों ने किसी तरह बचा लिया। हादसे के बाद घाट पर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। महिलाओं की चीखें, बच्चों के शवों के पास रोते परिजन और बेबस आंखें देखकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
जन्मदिन के जश्न के बाद की घटना
परिवार के सदस्यों के अनुसार, सोमवार को साैरभ की बेटी नित्या का पहला जन्मदिन मनाया गया था। घर में रिश्तेदारों और दोस्तों की भीड़ थी। रातभर जश्न चलता रहा। मंगलवार की सुबह लोग आराम कर रहे थे, इसी दौरान बच्चों ने गर्मी से राहत पाने के लिए पास के स्वीमिंग पूल में नहाने की इच्छा जताई। परिवार ने उन्हें यमुना नदी में जाने से मना किया, लेकिन जब बच्चे स्वीमिंग पूल पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। इसके बाद सभी ने यमुना किनारे जाने का निर्णय लिया।
गहराई का अंदाजा न लगा पाने के कारण हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर बच्चे उतरे थे, वहां पानी काफी गहरा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही समय में एक बच्चा गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए अन्य बच्चे आगे बढ़े, लेकिन धीरे-धीरे कई बच्चे डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और गोताखोर तुरंत नदी में कूद पड़े।
स्थानीय गोताखोरों ने दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन चार बच्चों को नहीं बचाया जा सका। करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद एक-एक कर शवों को बाहर निकाला गया। जैसे ही शव किनारे पहुंचे, वहां मौजूद परिवारों में कोहराम मच गया। सबसे आखिरी में 13 वर्षीय विक्की का शव निकाला गया, जिसके बाद माहौल और भी गमगीन हो गया।
बच्चों ने मना करने के बावजूद नदी में कूदने का किया प्रयास
घाट पर मौजूद कुछ लोगों ने बच्चों को नदी में उतरने से रोका था, लेकिन बच्चे नहीं माने और सभी एक साथ नदी में उतर गए। कुछ ही मिनटों में हादसा हो गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर थाना कमला नगर और ट्रांस यमुना पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने काफी देर तक राहत और बचाव अभियान चलाया।
वहीं, विक्की का शव मिलने के बाद परिजन इतने टूट गए कि उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। एंबुलेंस के सामने ही हंगामा शुरू हो गया। बाद में पुलिस और स्थानीय लोगों ने समझाकर किसी तरह परिवार को शांत कराया। इस हादसे ने एक और परिवार को गहरे दुख में धकेल दिया। कान्हा नाम के बच्चे के पिता रिंकू उर्फ आकाश की नौ महीने पहले ही हार्ट अटैक से मौत हुई थी। अब बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई यही कह रहा है कि काश बच्चों ने नदी की तरफ रुख न किया होता।
