आढ़तियों का धरना: नई अनाज मंडी के गेट पर ताला
आढ़तियों ने मंडी के गेट बंद किए
- एसडीएम ने आढ़तियों के साथ की वार्ता
जींद। हरियाणा सरकार द्वारा मंडियों में किसानों के लिए लागू किए गए नए नियमों के खिलाफ आढ़तियों ने रोहतक रोड स्थित नई अनाज मंडी के गेट को बंद कर दिया। आढ़तियों का कहना है कि सरकार लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो उनके और किसानों के हितों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने बताया कि नए नियमों के कारण मंडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हाल ही में, सरकार ने किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट और बायोमीट्रिक प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है, जिसे आढ़तियों ने अव्यवहारिक बताया।
आढ़ती एसोसिएशन के नेता सुनील सिहाग और सोनू भारद्वाज ने कहा कि मंडी के खुलने का समय सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक सीमित करना भी गलत है। किसानों को अक्सर रात में फसल काटने में परेशानी होती है, जिससे उन्हें अपनी फसल मंडी तक लाने में कठिनाई होती है। आढ़तियों ने इन आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
एसडीएम की बैठक और सहमति
आढ़तियों के एकजुट होने पर, एसडीएम सत्यवान मान ने नई अनाज मंडी में बैठक की। इस बैठक में मार्केट कमेटी के अध्यक्ष मनीष गोयल और सचिव संजीव जांगड़ा भी शामिल थे। एसडीएम ने आढ़तियों से कहा कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्हें किसानों के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गेहूं की ट्रॉलियों को मंडी के अंदर आने दिया जाए। इस पर आढ़ती एसोसिएशन ने सहमति जताई।
आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील सिहाग ने कहा कि अब सहमति बन गई है और गेट खोल दिए जाएंगे। सभी किसानों को सूचित किया जाएगा कि बारिश के दो दिन बाद ही नई अनाज मंडी में गेहूं की फसल लाएं। सरसों की खरीदारी भी शुरू हो चुकी है। इसके बाद आढ़तियों ने धरना समाप्त कर दिया।
वहीं, अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य अध्यक्ष बलबीर सिंह गुरूसर की अध्यक्षता में नरवाना की नई अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों ने धरना दिया। उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीद के लिए बनाए गए नए नियमों को वापस लिया जाए और पुरानी प्रणाली पर ही खरीदारी की जाए।
