आधार कार्ड अब जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं
नई दिल्ली में आधार कार्ड के उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी
नई दिल्ली: यदि आप अपने आधार कार्ड को हर छोटे-बड़े काम के लिए दिखाते हैं और इसे अपनी जन्मतिथि का प्रमाण मानते हैं, तो आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। यूआईडीएआई ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि के आधिकारिक प्रमाण के रूप में नहीं माना जा सकता। यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्ड केवल आपकी पहचान और पते का प्रमाण है, न कि आपकी उम्र का।
आधार कार्ड के उपयोग पर ध्यान दें
लंबे समय से, लोग बैंकिंग, स्कूल में बच्चों के दाखिले और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार कार्ड का उपयोग कर रहे हैं। इस नए अपडेट के बाद, कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि कार्ड पर जन्मतिथि होने के बावजूद इसे वैध क्यों नहीं माना जा रहा है।
आधार को उम्र का प्रमाण क्यों नहीं माना जाता?
यूआईडीएआई ने बताया है कि आधार कार्ड बनवाते समय दर्ज की गई जन्मतिथि हमेशा सत्यापित नहीं होती। कई बार लोग बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज के अपनी जन्मतिथि घोषित कर देते हैं। इसका मतलब है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सही नहीं हो सकती। यही कारण है कि कई अदालतों और सरकारी विभागों ने भी इसे उम्र का अंतिम प्रमाण नहीं माना है।
जन्मतिथि साबित करने के लिए वैध दस्तावेज
यदि आधार कार्ड जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं है, तो आपको किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी? आधिकारिक रूप से अपनी उम्र साबित करने के लिए, आप अपने जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं कक्षा की मार्कशीट, पासपोर्ट या किसी अधिकृत सरकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्मतिथि प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड में जन्मतिथि को 'वेरीफाई' किया जाता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि आप अपने जन्मतिथि प्रमाण पत्र को तैयार रखें।
