आधार कार्ड की फीस में वृद्धि: जानें नए नियम और सुविधाएं
आधार कार्ड से जुड़े नियमों में नया बदलाव
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार PVC कार्ड की फीस में वृद्धि की है। यह नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुकी हैं। यह परिवर्तन उन उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करेगा जो myAadhaar पोर्टल या mAadhaar ऐप के माध्यम से PVC कार्ड का ऑर्डर करते हैं।
आधार PVC कार्ड के लिए नई फीस
UIDAI की हालिया अधिसूचना के अनुसार, आधार PVC कार्ड की कीमत में 25 रुपये की वृद्धि की गई है।
नई शुल्क संरचना
• पहले शुल्क था 50 रुपये टैक्स सहित
• अब शुल्क हो गया है 75 रुपये टैक्स सहित
यह राशि ऑनलाइन आवेदन के समय डिजिटल माध्यम से ली जाती है।
आधार PVC कार्ड की विशेषताएँ
आधार PVC कार्ड, पारंपरिक कागजी आधार का एक आधुनिक संस्करण है। यह क्रेडिट कार्ड के आकार का मजबूत प्लास्टिक कार्ड होता है।
मुख्य विशेषताएँ
• वॉटरप्रूफ और लंबे समय तक टिकाऊ
• सुरक्षित क्यूआर कोड
• होलोग्राम और माइक्रो टेक्स्ट
• आसान वॉलेट फ्रेंडली डिजाइन
UIDAI के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्ड रोजमर्रा के उपयोग के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है।
शुल्क वृद्धि का कारण
UIDAI द्वारा जारी सर्कुलर में बताया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रिंटिंग सामग्री, कार्ड निर्माण, सुरक्षित पैकेजिंग और डाक खर्च में वृद्धि हुई है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
"सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने और समय पर सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए शुल्क में संशोधन आवश्यक हो गया था।"
UIDAI ने पहले भी तकनीकी और सेवा सुधारों के चलते कुछ सेवाओं की समीक्षा की थी।
PVC आधार की वैधता
कई लोगों में इस विषय पर भ्रम है। UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार PVC कार्ड की वैधता कागजी आधार और ई आधार के समान है।
यह केवल एक अलग फॉर्मेट है, दस्तावेज की कानूनी मान्यता में कोई अंतर नहीं है।
आधार PVC कार्ड की डिलीवरी समय
UIDAI के अनुसार, ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद प्रक्रिया को तेज रखा जाता है।
डिलीवरी टाइमलाइन
• ऑर्डर मिलने के 5 कार्य दिवस में कार्ड प्रिंट होता है
• इसके बाद इंडिया पोस्ट स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है
• डिलीवरी आधार में दर्ज पते पर होती है
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिलीवरी समय पोस्टल नेटवर्क पर निर्भर करता है।
आधार PVC कार्ड का उपयोग
भारत में करोड़ों लोग आधार PVC कार्ड का पहचान प्रमाण के रूप में उपयोग करते हैं। शुल्क में बढ़ोतरी मामूली है, लेकिन यह UIDAI की सेवाओं की लागत और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UIDAI भविष्य में अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
