आधार कार्ड में जानकारी अपडेट करने के नियम: जानें क्या है खास
आधार कार्ड की बढ़ती आवश्यकता
नई दिल्ली: आज के समय में आधार कार्ड हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है। भारत में अधिकांश लोगों के पास आधार कार्ड है, जो अब केवल पहचान पत्र नहीं रह गया है, बल्कि यह दैनिक कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है। चाहे बैंक खाता खोलना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना, आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। इसलिए, आधार में दर्ज जानकारी का अद्यतन रहना भी आवश्यक है। यदि इसमें कोई त्रुटि है, तो यह बड़ी समस्याएं उत्पन्न कर सकती है।
आधार में जानकारी अपडेट करने के नियम
यूआईडीएआई ने कुछ विशेष जानकारियों को अपडेट करने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। इनमें से कुछ विवरण ऐसे हैं, जिन्हें केवल एक बार बदला जा सकता है। इसलिए, इनका ध्यान रखना आवश्यक है।
जन्मतिथि में बदलाव की एक बार की अनुमति
जन्मतिथि को एक ही बार बदला जा सकेगा:
पहली जानकारी है जन्मतिथि। यदि आधार में जन्मतिथि गलत है, तो इसे सुधारने का अवसर केवल एक बार मिलता है। इसके लिए सही दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, स्कूल सर्टिफिकेट या अन्य सरकारी प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। UIDAI का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही बदलाव किया जाएगा। यदि पहली बार में यह सही नहीं हुआ, तो इसे फिर से ठीक नहीं किया जा सकेगा।
जेंडर में बदलाव के लिए भी यही नियम
जेंडर के लिए भी यह नियम लागू:
दूसरी जानकारी, जिसे केवल एक बार बदला जा सकता है, वह है जेंडर। UIDAI के नियमों के अनुसार, आधार कार्ड में जेंडर भी जीवन में केवल एक बार ही बदला जा सकता है। यदि किसी कारणवश इसमें बदलाव की आवश्यकता हो, जैसे ट्रांसजेंडर व्यक्ति या अन्य वैध कारण, तो सही दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसमें सरकारी पहचान पत्र, मेडिकल सर्टिफिकेट या कानूनी दस्तावेज शामिल हैं।
कौन सी जानकारी को बार-बार अपडेट किया जा सकता है
किन डिटेल्स को एक से ज्यादा बार किया जा सकता है अपडेट:
उपरोक्त दोनों के अलावा, नाम, पता, मोबाइल नंबर या ईमेल को कई बार अपडेट किया जा सकता है। यदि आपका आधार कार्ड पुराना है या उसमें कोई गलती है, तो आप myAadhaar पोर्टल या नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर इसे अपडेट करवा सकते हैं। सही जानकारी से भविष्य में किसी भी सरकारी या बैंकिंग कार्य में कोई रुकावट नहीं आएगी।
