आप ने सुखबीर बादल पर उठाए गंभीर सवाल, दोहरी राजनीति का लगाया आरोप
सुखबीर बादल पर आम आदमी पार्टी का हमला
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) ने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला किया है। पार्टी के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुखबीर पर 'दोहरी राजनीति' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुखबीर अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह झूठे दावों और पाखंड के जरिए पंजाब की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
धालीवाल ने कहा कि सुखबीर गैंगस्टरवाद को समाप्त करने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन दूसरी ओर वे जाने-माने गैंगस्टरों के रिश्तेदारों को चुनाव में टिकट देकर खड़ा करते हैं। उन्होंने तरनतारन के हालिया चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के परिवारों का समर्थन किया और वोट मांगे। अब वही लोग गैंगस्टरों के खिलाफ बात कर रहे हैं, जबकि पहले उनके समारोहों में शामिल होते थे।
उन्होंने इसे 'सरासर पाखंड' करार दिया और कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ याद रखती है। धालीवाल ने सुखबीर को प्रकाश सिंह बादल का अनुयायी बताया और कहा कि बादल परिवार ने पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण किया है। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या बढ़ी।
धालीवाल ने सवाल उठाया कि जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क सक्रिय थे, तब सत्ता में कौन था? अब वही लोग पंजाब को बचाने का नाटक कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुखबीर को पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों, एसजीपीसी की जमीनी सौदेबाजी, वित्तीय अनियमितताओं और बेअदबी जैसे गंभीर मामलों पर जवाब देना चाहिए।
धालीवाल ने कहा कि मंचों पर चिल्लाने के बजाय इन सवालों का सीधा जवाब दें, क्योंकि यह केवल राजनीति नहीं, बल्कि सिख समुदाय की श्रद्धा और जवाबदेही का मामला है। उन्होंने दावा किया कि माझे से मालवा तक के बड़े अकाली परिवारों ने 'जीजा-साला' गुट से दूरी बना ली है।
उन्होंने कहा कि आज शिरोमणि अकाली दल एक जन आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सीमित समूह बनकर रह गया है, जो अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले लोगों को शामिल कर रहा है। उन्होंने सुखबीर पर किसान मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे राष्ट्रीय विषयों पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया।
अंत में, धालीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता राजनीतिक रूप से जागरूक है और नाटकीय भाषणों या डर फैलाने से गुमराह नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि पहले अपने पुराने कार्यों का जवाब दें, फिर नए दावे करें। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पंजाब की राजनीति में अकाली दल और आप के बीच तनाव को और बढ़ाने वाली साबित हो रही है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर नैतिकता और अतीत के रिकॉर्ड को लेकर हमलावर हैं।
