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इंदौर में दूषित पानी से डायरिया का प्रकोप, कांग्रेस ने उठाई मंत्री के इस्तीफे की मांग

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण डायरिया का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे 142 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 9,416 लोगों की जांच की है और कांग्रेस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है। विशेषज्ञों की टीम स्थिति की समीक्षा कर रही है, जबकि स्थानीय लोग मौतों की संख्या को लेकर चिंतित हैं। क्या सरकार इस संकट का समाधान कर पाएगी? जानें पूरी कहानी।
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इंदौर में दूषित पानी से डायरिया का प्रकोप, कांग्रेस ने उठाई मंत्री के इस्तीफे की मांग

डायरिया का संकट बढ़ता जा रहा है

इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण डायरिया की समस्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने 9,416 लोगों की जांच की, जिसमें 20 नए मरीज सामने आए हैं। वर्तमान में 142 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 11 आईसीयू में हैं। इस संकट के चलते छह मौतें भी दर्ज की गई हैं। कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है।


दूषित जल से फैलने वाली बीमारी

भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण डायरिया ने 142 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया है। स्वास्थ्य विभाग ने 2,354 घरों का सर्वेक्षण किया और 20 नए मरीजों की पहचान की। अब तक 398 मरीज इलाज के लिए अस्पताल आए हैं, जिनमें से 256 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बनाए रखी जा रही है।


विशेषज्ञों की टीम ने की जांच

कोलकाता के नेशनल इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शन्स की एक टीम इंदौर पहुंची है। ये विशेषज्ञ स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सलाह दे रहे हैं ताकि बीमारी के फैलाव को रोका जा सके। उन्होंने पानी की गुणवत्ता, पाइपलाइन की स्थिति और संक्रमण रोकने के उपायों की समीक्षा शुरू कर दी है।


राजनीतिक तनाव में वृद्धि

अब तक छह मौतें दर्ज की गई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि 16 लोग, जिनमें एक छह महीने का बच्चा भी शामिल है, की मौत हुई है। कांग्रेस ने बेल बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की। विजयवर्गीय के 'घंटा' वाले बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।


जिम्मेदारी और आरोप

कांग्रेस ने न्यायिक जांच की मांग की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जितु पतवारी ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई, तो 11 जनवरी को आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की मौतें सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं।


संरचनात्मक समस्याओं पर विशेषज्ञों की चेतावनी

मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने इसे 'सिस्टम-निर्मित आपदा' करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुराने और गंदे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण सीवेज पानी में मिलकर संक्रमण फैला है। इंदौर जैसे साफ-सुथरे शहर में यह स्थिति चिंताजनक है। जल स्तर में गिरावट और भ्रष्टाचार ने समस्या को और जटिल बना दिया है।