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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में युवाओं को मिली आयु सीमा में छूट

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस भर्ती के लिए आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का निर्णय लिया है, जिससे लाखों युवाओं को लाभ होगा। यह निर्णय सीधी भर्ती-2025 के तहत 32,679 पदों के लिए लागू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम युवाओं की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जानें इस महत्वपूर्ण फैसले के बारे में और कैसे यह युवाओं के भविष्य को प्रभावित करेगा।
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में युवाओं को मिली आयु सीमा में छूट

मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों के लिए प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 में अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने का निर्णय लिया गया है।


आवेदन की प्रक्रिया और पदों की संख्या

इस संबंध में शासनादेश जारी किया जा चुका है। सीधी भर्ती-2025 के तहत कुल 32,679 पदों को भरा जाएगा। इसमें आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन के लिए महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) और जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) शामिल हैं। सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को यह आयु छूट एक बार के लिए दी जाएगी।


सरकार का निर्णय और युवा हित

यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के तहत लिया गया है। यह फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुसार 5 जनवरी 2026 को लागू किया जाएगा, जिससे उन अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो आयु सीमा के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर रह गए थे।


युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

सरकार का यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं की समस्याओं को समझती है और उनके समाधान के लिए ठोस निर्णय लेने में पीछे नहीं हटती। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर प्रदान करना और रोजगार के विकल्प बढ़ाना योगी सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है।


भविष्य की दिशा में कदम

पुलिस भर्ती में आयु सीमा में छूट का यह निर्णय लाखों युवाओं की उम्मीदों को नया बल देगा और यह दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में युवाओं का भविष्य नीति निर्धारण के केंद्र में है।