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उत्तर प्रदेश में एसआईआर 2026 अभियान की सफलता, मतदाता संख्या में वृद्धि

उत्तर प्रदेश में एसआईआर 2026 अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप मतदाता संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नए आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ तक पहुँच गई है। इस अभियान में पुरुष और महिला मतदाताओं के बीच अनुपात में सुधार हुआ है, और 18-19 आयु वर्ग के नए मतदाताओं की संख्या भी बढ़ी है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और कैसे राजनीतिक दलों ने इसमें भाग लिया।
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उत्तर प्रदेश में एसआईआर 2026 अभियान की सफलता, मतदाता संख्या में वृद्धि

मतदाता सूची का अद्यतन

उत्तर प्रदेश में एसआईआर 2026 अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है, और शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। इस व्यापक पहल के परिणामस्वरूप राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 13,39,84,792 तक पहुँच गई है।


नई सूची के अनुसार, पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़ (54.54 प्रतिशत) और महिला मतदाताओं की संख्या 6.09 करोड़ (45.46 प्रतिशत) है। जेंडर अनुपात में भी सुधार हुआ है, जो अब 834 पर पहुँच गया है। इस बार कुल मतदाताओं में 84.28 लाख की वृद्धि हुई है, जबकि 18-19 आयु वर्ग के नए मतदाताओं की संख्या में 14.29 लाख का इजाफा हुआ है।


राज्य के प्रमुख जिलों में, प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में सबसे अधिक नए मतदाता जुड़े हैं।


पुनरीक्षण प्रक्रिया की शुरुआत 27 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जिसमें गणना चरण 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को मसौदा मतदाता सूची जारी की गई, जिसमें कुल 12,55,56,025 मतदाता शामिल थे।


उस समय पुरुष मतदाताओं की संख्या 6,88,43,159 (54.83 प्रतिशत) और महिला मतदाताओं की संख्या 5,67,08,747 (45.17 प्रतिशत) थी, जबकि थर्ड जेंडर के 4,119 मतदाता थे। 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या उस समय 3,33,981 थी और जेंडर अनुपात 824 था।


मसौदा सूची के बाद, 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने का अवसर दिया गया। इसके बाद 27 मार्च 2026 तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण, सुनवाई और सत्यापन किया गया। पूरी प्रक्रिया के बाद 10 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित की गई।


इस अभियान में राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी भी देखी गई। राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त दलों के साथ 5 महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं, जबकि जिला स्तर पर 904 और ईआरओ स्तर पर 2186 बैठकें हुईं।


बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कुल 5,82,877 बीएलए इस प्रक्रिया में शामिल हुए, जिनमें भाजपा के 1,61,581, सपा के 1,57,631, बसपा के 1,54,224, कांग्रेस के 97,153 और 'आप' के 6,480 एजेंट शामिल थे।


यह ध्यान देने योग्य है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों को हर चरण की जानकारी दी गई और उनके सुझावों को भी शामिल किया गया।