उत्तर प्रदेश में तीन हत्याओं से हड़कंप: पूर्व सैनिक गिरफ्तार
तीन हत्याएं 26 घंटे में
उत्तर प्रदेश के चंदौली और वाराणसी में मात्र 26 घंटे के भीतर तीन हत्याओं की घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया है। आरोपी ने चलती ट्रेनों और एक अस्पताल में घुसकर लोगों को निशाना बनाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र के रूप में हुई है। वह अमृतसर का निवासी और पूर्व सैनिक बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वह 2020 में सेना से रिटायर हुआ था और प्रारंभिक जांच में उसे साइको किलर माना जा रहा है.
पहली घटना: पैसेंजर ट्रेन में हत्या
पहली हत्या रविवार सुबह लगभग 7 बजे चंदौली में हुई। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का निवासी मंगरू (34) काम की तलाश में कर्नाटक गया था। घर लौटते समय वह डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ।
जब ट्रेन अलीनगर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास पहुंची, आरोपी उसके पास आया और माथे पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। गोली लगते ही मंगरू सीट से गिर पड़ा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को ट्रेन से नीचे फेंक दिया और ताजपुर गांव के पास कूदकर फरार हो गया।
दूसरी घटना: जम्मू तवी एक्सप्रेस में गोलीबारी
दूसरी हत्या रविवार रात लगभग 2 बजे वाराणसी में हुई। बिहार के गया जिले के पिपरिया गांव के निवासी दिनेश साहू (42) पत्नी के साथ कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से नैमिषारण्य जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, जब ट्रेन मुगलसराय स्टेशन से पहले धीमी हुई, दिनेश बाथरूम से लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने उनकी कनपटी पर गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर अन्य यात्री दौड़ पड़े। जब पत्नी मौके पर पहुंची, तो उसने पति को खून से लथपथ पाया।
तीसरी घटना: अस्पताल में गोलीबारी
तीसरी और सबसे चौंकाने वाली घटना सोमवार सुबह लगभग 8:30 बजे चंदौली के अलीनगर स्थित जीवक अस्पताल में हुई। बिहार के भभुआ जिले की लक्ष्मीना देवी (55) पैर टूटने के कारण अस्पताल में भर्ती थीं।
आरोपी ने इलाज कराने के बहाने अस्पताल में प्रवेश किया और वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया। फिर वह महिला वार्ड में पहुंचा और लक्ष्मीना देवी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
ऑटो चालक ने आरोपी को पकड़ा
हत्या के बाद आरोपी फायरिंग करता हुआ अस्पताल से भागने लगा। तभी एक ऑटो चालक ने साहस दिखाते हुए उसका पीछा किया और पकड़ लिया। आरोपी से पिस्टल छीन ली गई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस को आरोपी के पास से दो पिस्टल मिली हैं, जिनमें से एक लाइसेंसी और दूसरी अवैध बताई जा रही है। पूछताछ में उसने तीनों हत्याओं को स्वीकार कर लिया है।
पुलिस और एजेंसियों की जांच
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने ट्रेन में दो और अस्पताल में एक हत्या करने की बात स्वीकार की है। वह बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी करता था। पूर्व सैनिक होने के कारण अब आर्मी और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं।
