उत्तराखंड में बादल फटने से भारी तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा का कहर
उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में एक बार फिर से प्राकृतिक आपदा ने दस्तक दी है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। रात के समय हुई इस घटना के परिणामस्वरूप कई घर और दुकानें मलबे में दब गईं या तेज बहाव में बह गईं। इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता हैं।चमोली जिले के देवाल क्षेत्र और रुद्रप्रयाग जिले की बसकेदार तहसील में बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे स्थिति बेहद भयावह हो गई। पिंडर और नंदाकिनी नदियां उफान पर हैं, और लोगों ने अपने घरों, दुकानों और वाहनों को बहते हुए देखा। कई क्षेत्रों में सड़कें और पुल बह जाने के कारण दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। चारों ओर मलबा, कीचड़ और बर्बादी का दृश्य है।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू कर दिया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने और लापता व्यक्तियों की खोज के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, खराब मौसम और लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयाँ आ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पहाड़ों में डर का माहौल है और लोग बस सब कुछ सामान्य होने की प्रार्थना कर रहे हैं।