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उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: जान-माल की हानि और राहत कार्य जारी

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में भूस्खलन के कारण कई लोगों की जानें गई हैं और कई लापता हैं। राहत कार्य जारी है, जबकि स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। जानें इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।
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उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: जान-माल की हानि और राहत कार्य जारी

उत्तराखंड में बारिश से उत्पन्न संकट

उत्तराखंड में भारी वर्षा: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में गुरुवार रात हुई अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है, जबकि आठ अन्य लापता हैं। राज्य के कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और यातायात में बाधा उत्पन्न हो गई है।


भूस्खलन से हुई क्षति

भूस्खलन से ढही इमारतें

बागेश्वर के पोसारी गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान गिर गया, जिससे पांच लोगों की मृत्यु हो गई। चमोली जिले के मोपाटा गांव में भी एक घर भूस्खलन की चपेट में आया, जिसमें एक दंपति की जान चली गई। रुद्रप्रयाग जिले के बड़ेथ डुंगर तोक में पहाड़ी दरकने से एक महिला की मौत हुई, और यहां आठ लोग मलबे में दबे होने की आशंका है, जिनमें नेपाल के चार श्रमिक भी शामिल हैं।


सड़क और नदी संकट

सड़कों और नदियों का संकट

बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। पौड़ी के श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना ऊँचा हो गया कि पानी बदरीनाथ हाईवे तक पहुँच गया। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बंद हो गए हैं। हल्द्वानी-भीमताल हाईवे भी रानीबाग के पास भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गया है। देहरादून में दूधली क्षेत्र से एक सात वर्षीय बच्चे का शव सुसवा नदी से बरामद किया गया है।


राहत कार्य और स्कूलों की छुट्टी

राहत-बचाव कार्य तेज, स्कूलों में छुट्टी

राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सक्रिय हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए पांच जिलों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।


बसुकेदार में तबाही

बसुकेदार में सबसे बड़ा नुकसान

रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र के छेनागाड़ गांव से भी बड़ी तबाही की खबर आई है। यहां चार स्थानीय और चार नेपाली श्रमिक मलबे में दबे होने की आशंका है। सड़कें टूटने के कारण राहत दलों को घटनास्थल तक पहुँचने में देरी हुई, लेकिन अब बचाव अभियान जारी है।


जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

शहरों में जलभराव ने बढ़ाई मुश्किलें

हरिद्वार में मूसलधार बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। कई कॉलोनियों और बाजारों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।