उत्तराखंड में भूस्खलन से तबाही: मानसून का कहर जारी

उत्तराखंड में भूस्खलन की स्थिति
उत्तराखंड में भूस्खलन: इस समय राज्य में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं कई क्षेत्रों में गंभीर स्थिति पैदा कर रही हैं। पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और टिहरी जैसे स्थानों पर प्राकृतिक आपदा का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सड़कों का बंद होना और यातायात का ठप होना इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला से आगे आदि कैलाश मार्ग पर दोबाट के पास एक भयावह दृश्य सामने आया है। एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक विशाल पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक दरककर गहरी खाई में गिर गया। यह वीडियो इतना डरावना है कि इसे देखने वाले लोग सहम जाते हैं। वीडियो में पहाड़ के टूटने की प्रक्रिया और उससे उठने वाली धूल का गुबार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
पिथौरागढ़ के #धारचूला से आगे #आदि_कैलाश मार्ग पर दोबाट के समीप भारी भूस्खलन। #आह_उत्तराखंड pic.twitter.com/EhXuo5epAB
— Arjun Rawat (@teerandajarjun) August 30, 2025
गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन: यातायात प्रभावित
इससे पहले, उत्तरकाशी और टिहरी की सीमा पर नगुण के पास गंगोत्री हाईवे पर एक भीषण भूस्खलन ने सड़क को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया था। इसके कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लगातार गिरते पत्थरों और मलबे ने सड़क को खोलने के कार्य को और जटिल बना दिया। डबरानी के पास हुए एक अन्य भूस्खलन ने हाईवे को लगभग चार घंटे तक बंद रखा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद मलबा हटाकर यातायात को बहाल किया।
प्रशासन और स्थानीय लोगों की चुनौतियां
उत्तराखंड में मानसून का कहर न केवल सड़कों और यातायात को प्रभावित कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। बार-बार हो रहे भूस्खलन और बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य क्षेत्रों से कट गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। साथ ही, बीआरओ और आपदा प्रबंधन टीमें दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।