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एनडीआरएफ की भूमिका: आपदाओं से सुरक्षा और जनहानि को शून्य करने का प्रयास

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गाजियाबाद में एनडीआरएफ के कार्यों की सराहना की और बताया कि सरकार का लक्ष्य जनहानि को शून्य करना है। उन्होंने एनडीआरएफ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और वैश्विक राहत कार्यों पर भी प्रकाश डाला। जानें इस समारोह में और क्या हुआ और एनडीआरएफ की भूमिका के बारे में अधिक जानकारी।
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एनडीआरएफ की भूमिका: आपदाओं से सुरक्षा और जनहानि को शून्य करने का प्रयास

अमित शाह का एनडीआरएफ पर जोर


गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) देशवासियों को आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य जनहानि को शून्य तक पहुंचाना है। गृहमंत्री ने यह बातें गाजियाबाद में एनडीआरएफ के राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह के दौरान कहीं। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी लगाया और एनडीआरएफ जवानों की बहादुरी की सराहना की।


अमित शाह ने बताया कि एनडीआरएफ ने अब तक 8500 से अधिक जवानों को प्रशिक्षित किया है और 10 लाख से ज्यादा नागरिकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के जवानों ने हर बड़ी प्राकृतिक आपदा में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ता कद


गृहमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में एनडीआरएफ के कार्यों ने भारत का वैश्विक स्तर पर कद बढ़ाया है। उन्होंने श्रीलंका, म्यांमार और तुर्किये में राहत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आपदा के समय में न केवल अपने देश में बल्कि विश्व के अन्य हिस्सों में भी मदद के लिए तत्पर रहता है।


अमित शाह ने यह भी कहा कि आपदाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच एनडीआरएफ की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। जम्मू, पंजाब और दिल्ली में विमान हादसों से लेकर अमरनाथ यात्रा और महाकुंभ जैसे आयोजनों में एनडीआरएफ ने सराहनीय कार्य किया है। इस कार्यक्रम में गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर, एडिशनल पुलिस कमिश्नर और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।