एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने दिया इस्तीफा, कंपनी को लगा बड़ा झटका
सीईओ का कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस्तीफा
सिंतबर में कार्यकाल समाप्त होना था, लेकिन पांच महीने पहले ही दिया इस्तीफा
वित्तीय संकट से जूझ रही एयर इंडिया को उस समय एक बड़ा झटका लगा जब उसके सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस वर्ष किसी एयरलाइन के सीईओ का दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले इंडिगो के सीईओ ने भी इस्तीफा दिया था। एयर इंडिया ने कहा है कि कैंपबेल नए सीईओ की नियुक्ति तक अपने पद पर बने रहेंगे।
कंपनी की चुनौतियाँ
कैंपबेल का कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था, लेकिन उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि वे इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसी कारण से कंपनी ने जनवरी 2026 से नए सीईओ की खोज शुरू कर दी थी। अब इस प्रक्रिया को तेज किया गया है और अगले हफ्ते इस पर महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है।
एयर इंडिया इस समय कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगे हैं, जिससे विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे ईंधन की लागत बढ़ गई है और संचालन महंगा हो गया है। नए विमानों की आपूर्ति में देरी और बढ़ती लागत भी कंपनी के लिए समस्याएं पैदा कर रही हैं।
कैंपबेल विल्सन का कार्यकाल
कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। इससे पहले, उन्होंने लगभग 26 वर्षों तक सिंगापुर एयरलाइंस में काम किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके कार्यकाल में एयर इंडिया में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए, जिसमें विस्तारा का एयर इंडिया में सफल विलय शामिल है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने बेड़े को बढ़ाने की योजना पर भी काम किया और कई व्यस्त रूट्स पर मार्केट लीडर इंडिगो को पीछे छोड़ दिया।
