एलपीजी संकट: भारत में ईंधन की कोई कमी नहीं, मंत्रालय का स्पष्ट बयान
पेट्रोलियम मंत्रालय का आश्वासन
कहा, कई जगहों पर अफवाहों के चलते ग्राहक घबराहट में कर रहे खरीदारी
LPG Crisis: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने दोहराया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सही जानकारी पर ध्यान दें। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में ईंधन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के बावजूद, आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। एलपीजी वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। कल लगभग 95 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन की गई थी, और 82 प्रतिशत डिलीवरी को प्रमाणीकरण कोड से प्रमाणित किया गया। पिछले दो दिनों में 1.04 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 92 लाख सिलिंडर वितरित किए गए।
वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में वृद्धि
सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि की है। ढाबों, रेस्तरां और औद्योगिक कैंटीनों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रवासी श्रमिकों को भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सभी को पर्याप्त एलपीजी मिल सके।
पेट्रोल और डीजल के भंडार की स्थिति
देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार है। कुछ स्थानों पर ग्राहकों द्वारा घबराहट में की जा रही खरीदारी की खबरों के बीच, सरकार ने ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई उपाय किए हैं। शर्मा ने कहा कि रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर घबराहट में खरीदारी देखी गई है, लेकिन नागरिकों को आश्वस्त किया गया है। घरेलू बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने उत्पाद शुल्क में कमी की है। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये घटाया गया है। इसके अलावा, डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जरूरत के अनुसार ईंधन का उपयोग करें। प्राकृतिक गैस की घरेलू उपयोग के लिए शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
अतिरिक्त जानकारी
ये भी पढ़ें: सोना 3700 तो चांदी सात हजार रुपए हुई महंगी
