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कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद, सहयोगियों को 30 साल की सजा

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके दो सहयोगियों को भी 30 साल की सजा दी गई है। अंद्राबी, जो 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' संगठन की प्रमुख हैं, पर आतंक से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया है। इस लेख में उनके विवादास्पद इतिहास और कश्मीर में राजनीतिक बदलावों पर चर्चा की गई है।
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कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को उम्रकैद, सहयोगियों को 30 साल की सजा

दिल्ली की अदालत का फैसला

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एनआईए की विशेष अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी संगठन 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की नेता आसिया अंद्राबी को देश के खिलाफ साजिश रचने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई है। उनके दो सहयोगियों, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन, को भी 30 साल की सजा दी गई है। एडिशनल सेशन जज चंदर जीत सिंह ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और आईपीसी की धारा 121-A के तहत सजा का ऐलान किया, जो भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित हैं। एनआईए ने अंद्राबी के लिए उम्रकैद की सजा की मांग की थी, यह कहते हुए कि देश के खिलाफ साजिश करने वालों को कड़ा संदेश देना आवश्यक है।


आसिया अंद्राबी का इतिहास

आसिया अंद्राबी, जो 2018 में गिरफ्तार हुई थीं, को आतंक से जुड़े मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। उन्हें आईपीसी की उन धाराओं में दोषी ठहराया गया है जो आपराधिक साजिश और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित हैं। अंद्राबी 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' नामक संगठन की संस्थापक हैं, जिसे भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है। इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर को भारत से स्वतंत्र कराना था। अंद्राबी ने कश्मीर में शरिया कानून लागू करने की भी कोशिश की।


आसिया अंद्राबी के विवाद

आसिया अंद्राबी ने आतंकवादी हाफिज सईद को एक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया और कट्टरपंथ की ट्रेनिंग दी। वह पहले भी विवादों में रही हैं, जैसे कि 2015 में एक वीडियो में गाय काटते हुए दिखाई देने के बाद उनकी गिरफ्तारी। अंद्राबी ने कश्मीर में खुलेआम नारे लगाए कि 'कश्मीर बनेगा पाकिस्तान' और आईएसआई से फंडिंग प्राप्त की।


कश्मीर में राजनीतिक बदलाव

2013 में, केंद्र सरकार ने एक विवादास्पद निर्णय लिया जब आसिया अंद्राबी को दिल्ली में पाकिस्तान के सलाहकार सरताज अजीत से मिलने की अनुमति दी गई। पीएम मोदी के शासन में धारा 370 के हटने के बाद, अंद्राबी और अन्य अलगाववादी नेता जेल में हैं। यासीन मलिक और मसरत आलम जैसे नेता भी पहले से ही जेल में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाफिज सईद का अंद्राबी से करीबी संबंध था और वह उसे अपनी मुँहबोली बहन मानता था।