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कांग्रेस का इंदौर में पानी प्रदूषण पर जोरदार विरोध प्रदर्शन

इंदौर में दूषित पानी के सेवन से हुई मौतों के बाद कांग्रेस ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नाम 'घंटा आंदोलन' रखा गया है, जो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादास्पद बयान से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और मंत्री की भाषा जनता के प्रति असंवेदनशील है। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस्तीफे की मांग की। इस घटना ने आम जनता में गुस्सा और भय उत्पन्न कर दिया है।
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कांग्रेस का इंदौर में पानी प्रदूषण पर जोरदार विरोध प्रदर्शन

भोपाल में सियासी हलचल


भोपाल: इंदौर में दूषित जल के सेवन से हुई मौतों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस घटना के चलते कांग्रेस ने राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नाम 'घंटा आंदोलन' रखा गया है, जो शहरी विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादास्पद बयान से संबंधित है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की लापरवाही और मंत्री की भाषा दोनों ही जनता के प्रति असंवेदनशील हैं।


पानी की गुणवत्ता पर गंभीर चिंताएं

इंदौर के एक क्षेत्र में पीने के पानी में गंदगी और मिलावट की शिकायतों के बाद कई लोग बीमार हो गए। इलाज के दौरान कुछ की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस घटना ने आम जनता में गुस्सा और भय उत्पन्न कर दिया है।



'घंटा' बयान पर विवाद

घटना के बाद जब एक टीवी पत्रकार ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया, तो उन्होंने 'घंटा' शब्द का प्रयोग किया। यह शब्द आमतौर पर अपमानजनक और टालने वाले उत्तर के रूप में देखा जाता है। जैसे ही यह बयान सामने आया, विपक्ष ने इसे मृतकों और उनके परिवारों का अपमान बताया और मंत्री की आलोचना की।


कांग्रेस का व्यापक विरोध

रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर सहित कई जिलों में घंटा लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी के नेताओं ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक बयान के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय करने के लिए है।


इस्तीफे की मांग

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि कैलाश विजयवर्गीय को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि शहरी विकास विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई। पार्टी का कहना है कि यदि पानी की नियमित जांच और समय पर सुधार किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।


जीतू पटवारी का आरोप

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि चूहों द्वारा दो नवजात बच्चों को कुतरने की घटना हो या अग्रवाल नगर की बावड़ी में सरकारी लापरवाही से 36 लोगों की मौत, या जहरीले पानी से 16 लोगों की जान जाना, भाजपा सरकार ने किसी मामले में कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का अहंकार और भ्रष्टाचार प्रदेशवासियों की जान ले रहा है।