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कांग्रेस की मांग: पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए

कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की भी अपील की है ताकि प्रभावित लोगों और संपत्तियों की भरपाई की जा सके। इस लेख में जानें इन राज्यों में बाढ़ की स्थिति और सरकार की लापरवाही के आरोप।
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कांग्रेस की मांग: पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए

पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ की स्थिति


पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग


चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और विधायक परगट सिंह ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और बाढ़ के कारण हो रही तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन राज्यों में हो रही तबाही को देखते हुए बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अपील की है।


साथ ही, उन्होंने इन राज्यों में बाढ़ से प्रभावित लोगों, पशुओं, फसलों और संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पुनर्वास की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। परगट सिंह ने बताया कि इन राज्यों में बादल फटने और अधिक बारिश के कारण नदियां और डैम ओवरफ्लो हो चुके हैं।


पंजाब के कई जिलों में बाढ़ से हुई तबाही


माधोपुर का डैम पहले ही ओवरफ्लो होकर अपने गेट को बहा ले गया है। पंजाब के तरनतारन, कपूरथला, सुलतानपुर लोधी, गुरदासपुर और पठानकोट जैसे जिले पानी में डूब चुके हैं। वहां के लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर रह रहे हैं। सेना के जवानों द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालात अभी भी नियंत्रण में नहीं हैं। पौंग डैम से सवा लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। परगट सिंह ने इसे मानव निर्मित बाढ़ बताया है।


सरकार पर लगाया लापरवाही का आरोप


उन्होंने पंजाब सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंजाब में बाढ़ के कारण हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। पंजाब की आप सरकार और प्रशासन इस स्थिति में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2023 की बाढ़ से कोई सबक नहीं लिया गया, जिसका खामियाजा अब 2025 में भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस आपदा के समय लोगों की सुरक्षा, भोजन और आवास की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए।