किसानों के लिए मौसम में बदलाव ने बढ़ाई चुनौतियाँ
मौसम में अचानक बदलाव
- तेज हवा के साथ उड़ी धूल, आकाश में छाए रहे बादल, बूंदाबांदी के साथ बारिश
- खेत खलिहान से लेकर मंडियों तक फैली हुई गेहंू फसल
जींद। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को मौसम में अचानक बदलाव आया, जिसके चलते तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी और बारिश हुई। दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 6 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि हवा में नमी की मात्रा 18 प्रतिशत रही। पिछले कुछ दिनों से तापमान में वृद्धि हो रही थी।
किसानों की बढ़ती चिंताएँ
शुक्रवार की सुबह मौसम साफ था, लेकिन दोपहर में अचानक धूल भरी हवा चलने लगी। हवा की गति 28 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। हालांकि, इस बदलाव ने किसानों को परेशान कर दिया। धूल भरी हवा और बारिश ने गेहूं की कटाई, कढ़ाई और तूड़ी बनाने के कार्य को बाधित कर दिया।
मौसम की सक्रियता का प्रभाव
फसल मंडियों में गेहूं फैला हुआ है, और खुले आसमान के नीचे रखा हुआ है। यदि बारिश होती है, तो लाखों क्विंटल गेहूं भीग जाएगा। मौसम में इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं की कटाई और कढ़ाई का कार्य अंतिम चरण में है, और मंडियों में फसल की आवक बढ़ रही है। किसान गेहूं की कढ़ाई के साथ-साथ तूड़ी भी बना रहे हैं।
मौसम के अचानक बदलाव ने किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. राजेश ने बताया कि पश्चिमी सक्रियता के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। अगले दो दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए किसानों को अपने कृषि कार्य में मौसम का ध्यान रखना चाहिए।
