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कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, चांदी में बढ़त और सोने में गिरावट

शुक्रवार को कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां चांदी ने बढ़त दिखाई जबकि सोने की कीमतों में गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक है, लेकिन स्थायी तेजी के लिए महत्वपूर्ण स्तरों को पार करना आवश्यक है। इस बीच, रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। जानें और क्या चल रहा है बाजार में।
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कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव, चांदी में बढ़त और सोने में गिरावट

कीमती धातुओं का बाजार

मुंबई: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार को कीमती धातुओं, जैसे सोना और चांदी, में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रारंभिक कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी आई, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई। दूसरी ओर, चांदी ने बढ़त के साथ कारोबार किया।


मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव शुक्रवार को 1,53,301 रुपये पर खुला। दिन के दौरान, सोने ने 1,52,547 रुपये का इंट्रा-डे लो और 1,53,364 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर बनाया।


वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपये पर खुलकर 2,48,729 रुपये का लो और 2,50,716 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर बनाया।


हालांकि, खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.48 बजे) 5 जून डिलीवरी वाला सोना 501 रुपये यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,52,651 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 225 रुपये यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,48,853 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।


कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक बना हुआ है और मैक्रो फैक्टर्स से कुछ समर्थन मिल रहा है। हालांकि, मजबूत तेजी के लिए कीमतों का महत्वपूर्ण स्तर पार करना आवश्यक है।


चांदी के मामले में भी रुख थोड़ा सावधानी भरा है और इसमें स्थायी तेजी के लिए मजबूत संकेतों की आवश्यकता है।


इस बीच, शुक्रवार को रुपया 25 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.95 पर खुला। यह मजबूती तब आई जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी तेल कंपनियों को डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का उपयोग करने के लिए कहा, जिससे डॉलर की मांग में कमी आई।


घरेलू मुद्रा ने पिछले सत्र में 93.20 पर बंद किया था, लेकिन स्थानीय शेयर बाजार में सुधार और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते यह मजबूत खुला।


हालांकि, वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपए की मजबूती पर कुछ दबाव भी बना रहा।


वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के आसपास रहा।


भू-राजनैतिक मोर्चे पर इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है।


घरेलू शेयर बाजार में भी सेंसेक्स और निफ्टी सपाट से हल्की बढ़त के साथ खुले, जिससे रुपए को समर्थन मिला।


इस बीच, लेबनान और इज़रायल के बीच गुरुवार से 10 दिन का युद्धविराम लागू हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक सप्ताहांत में हो सकती है।